• Sun. Oct 18th, 2026

जालंधर में 3.13 लाख मीट्रिक टन धान की आवक, किसानों को मिले ₹746 करोड़

18 अक्तूबर 2026: पंजाब के जालंधर जिले में धान की खरीद का काम लगातार जारी है। जिले की मंडियों में धान की कुल आवक 3.13 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई है। सरकारी एजेंसियां अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद चुकी हैं। वहीं, किसानों को फसल की बिक्री के बदले अब तक 746 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद रिपोर्ट के अनुसार, 17 अक्टूबर को जिले में धान की आवक और खरीद में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एक दिन में 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंचा

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को जालंधर जिले की मंडियों में 25,376 मीट्रिक टन धान पहुंचा। इसके साथ ही मौजूदा खरीद सीजन में कुल आवक बढ़कर 3,13,357 मीट्रिक टन हो गई। शनिवार को सरकारी एजेंसियों ने 24,941 मीट्रिक टन धान खरीदा। अब तक कुल 3,12,401 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक निजी खरीद दर्ज नहीं की गई है और धान की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से की जा रही है। खरीद प्रक्रिया में तेजी आने के साथ मंडियों में फसल उठाने की व्यवस्था भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।

मंडियों से फसल उठाने की प्रक्रिया जारी

धान की खरीद के बाद उसे मंडियों से उठाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि मंडियों में नई फसल के लिए जगह उपलब्ध हो सके। शनिवार को 26,293 मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया गया। इसके साथ ही अब तक कुल उठान 1,96,443 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।

आधिकारिक रिपोर्ट में 72 घंटे के निर्धारित मानक के तहत उठान के लिए लंबित धान की मात्रा 2,28,073 मीट्रिक टन बताई गई है। ऐसे में खरीद के साथ-साथ फसल के समय पर उठान पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को अपनी उपज मंडियों में लाने में परेशानी न हो।

किसानों को अब तक 746 करोड़ रुपये का भुगतान

धान खरीद के दौरान किसानों को भुगतान भी किया जा रहा है। शनिवार को किसानों के खातों में 58 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके साथ ही इस सीजन में अब तक कुल भुगतान 746 करोड़ रुपये हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, भुगतान निर्धारित 48 घंटे की समयसीमा के भीतर करने की प्रक्रिया जारी है।

किसानों के लिए समय पर भुगतान महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें फसल बेचने के बाद खेती से जुड़े खर्चों और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। खरीद और भुगतान से जुड़े आंकड़ों पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नजर बनाए हुए है।

जिले के 79 खरीद केंद्रों पर जारी है खरीद सीजन

जालंधर जिले में धान की खरीद का मौजूदा सीजन 1 अक्टूबर से शुरू हुआ था। जिला प्रशासन ने इस सीजन में जिले के 79 खरीद केंद्रों पर लगभग 10.84 लाख मीट्रिक टन धान आने का अनुमान लगाया है। इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मंडियों में अच्छी तरह सूखा हुआ धान ही लेकर आएं। निर्धारित मानकों के अनुसार, धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसानों को रात के समय कटाई से बचने की सलाह भी दी गई है, ताकि मंडियों में पहुंचने वाली फसल गुणवत्ता संबंधी शर्तों पर खरी उतरे।

धान की आवक बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी रहेगी। प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि फसल की खरीद सुचारु रूप से हो और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *