18 अक्तूबर 2026: पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गुरविंदर सिंह यूरोप में बैठे कथित आपराधिक हैंडलर बादलप्रीत सिंह का प्रमुख सहयोगी था और हमले को अंजाम देने वाले आरोपियों को हथियार तथा अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका थी।
अमृतसर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, गुरविंदर सिंह पंडोरी वाराइच गांव का रहने वाला है। उसका नाम एएसआई जसवंत सिंह पर हुए हमले की जांच के दौरान सामने आया था। जसवंत सिंह पर 11 सितंबर को राजासांसी क्षेत्र के भल्ला पिंड गांव के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई थी। इस हमले में उनके सिर में गोली लगी थी, हालांकि वह बच गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को गुरविंदर सिंह की भूमिका के बारे में अहम जानकारी मिली। पुलिस का आरोप है कि उसने हमले में शामिल आरोपियों को पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, वह कथित तौर पर यूरोप में रह रहे बादलप्रीत सिंह के निर्देशों पर काम कर रहा था। बादलप्रीत सिंह पर विदेश से जबरन वसूली का नेटवर्क चलाने और लक्षित हमलों की साजिश से जुड़े होने का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, गुरविंदर सिंह जुलाई से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसका नाम पंडोरी वाराइच गांव में एक प्रॉपर्टी डीलर विक्रम सिंह के घर पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना में भी सामने आया था। बताया गया कि कथित वसूली की कोशिश के दौरान घर पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए थे। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन मकान को काफी नुकसान पहुंचा था।
अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरप्रीत सिंह चहल ने बताया कि एएसआई पर हमले के मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और करणबीर सिंह उर्फ नंदी के नाम शामिल हैं, जो झंजोटी गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, करणबीर सिंह 27 सितंबर को झंडेर थाना क्षेत्र के कंडोवाल गांव में हुई मुठभेड़ में मारा गया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करणबीर सिंह और गुरप्रीत सिंह को 19 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, करणबीर सिंह 22 सितंबर को पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के आपसी संपर्क, हथियारों की व्यवस्था और हमले की योजना से संबंधित पहलुओं की पड़ताल की।
पुलिस ने यह भी बताया कि बादलप्रीत सिंह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक अन्य मामले में वांछित है। यह मामला पिछले वर्ष ठाकुरद्वारा मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले से जुड़ा बताया गया है। इस मामले के संबंध में एनआईए पहले गुरविंदर सिंह के घर पर छापेमारी भी कर चुकी है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए हमले की साजिश, हथियारों की आपूर्ति और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आए आरोपों और संदिग्ध संपर्कों की जांच जारी है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी।
