18 अक्तूबर 2026: पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों के लिए खास होने जा रही है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से पहले पंजाब के हॉकी सितारे जालंधर में अपने घरेलू मैदान पर खेलने को लेकर उत्साहित हैं। कई खिलाड़ियों ने इसी शहर की अकादमियों और मैदानों में हॉकी की शुरुआती ट्रेनिंग ली थी। अब उन्हें उसी धरती पर भारतीय जर्सी पहनकर खेलने का अवसर मिलेगा।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम 18 अक्टूबर को जालंधर पहुंचने वाली है, जहां वह टूर्नामेंट से पहले प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेगी। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में आयोजित होगी। जालंधर और मोहाली इसके दो प्रमुख आयोजन स्थल होंगे।
जालंधर के मैदान से शुरू हुआ था कई खिलाड़ियों का सफर
जालंधर का ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम भारतीय हॉकी के इतिहास में खास स्थान रखता है। पंजाब के कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने इसी क्षेत्र में अभ्यास करके अपने करियर की शुरुआत की और बाद में भारतीय टीम तक पहुंचे।
पूर्व भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने इस मैदान से अपने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने यहां बहुत कुछ सीखा है। अब इसी मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलना उनके लिए भावनात्मक अनुभव होगा।
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, कृष्ण बहादुर पाठक और सुखजीत सिंह जैसे खिलाड़ियों का भी पंजाब से गहरा संबंध है। इनमें से कई खिलाड़ी जालंधर की हॉकी संस्कृति और स्थानीय प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़े रहे हैं।
परिवार पहली बार स्टेडियम में देख सकेंगे मुकाबले
इस टूर्नामेंट को खिलाड़ियों के परिवारों के लिए भी खास माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब के कुछ खिलाड़ियों के माता-पिता ने उन्हें अब तक मुख्य रूप से टेलीविजन पर खेलते देखा है। अब उन्हें अपने बेटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैदान में खेलते हुए देखने का अवसर मिल सकता है।
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पिता सरबजीत सिंह भी इस मौके को लेकर उत्साहित बताए गए हैं। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने से खिलाड़ियों को अपने परिवार, दोस्तों और स्थानीय प्रशंसकों का समर्थन मिलेगा।
खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उस जगह पर लौटने का अवसर भी होगा जहां उनके खेल की नींव रखी गई थी।
27 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले
हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 में भारत के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट के लीग चरण के सभी मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेले जाएंगे।
इसके बाद प्रतियोगिता के निर्णायक मुकाबले मोहाली में होंगे। सेमीफाइनल 4 नवंबर को और कांस्य पदक तथा फाइनल मुकाबले 5 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। इस तरह पंजाब के दो प्रमुख हॉकी केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल परंपरा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
पंजाब में 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी
इस प्रतियोगिता का एक बड़ा महत्व यह भी है कि लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी पंजाब लौट रही है। राज्य ने भारतीय हॉकी को कई प्रसिद्ध खिलाड़ी दिए हैं और यहां गांवों, प्रशिक्षण अकादमियों तथा खेल संस्थानों में हॉकी की मजबूत परंपरा रही है।
जालंधर खेल सामग्री के निर्माण के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में टूर्नामेंट से शहर के खेल इतिहास, स्थानीय हॉकी अकादमियों और खेल उद्योग को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
आयोजकों ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के ठहरने तथा परिवहन की व्यवस्थाएं भी तैयार की हैं। रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न टीमों के लिए शहर के होटलों में कमरे आरक्षित किए गए हैं। दर्शकों की सुविधा के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी भारतीय टीम
भारत एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का मौजूदा चैंपियन है और इस बार घरेलू मैदान पर खिताब बचाने की चुनौती का सामना करेगा। टीम के लिए पंजाब में खेलना अतिरिक्त प्रेरणा का स्रोत हो सकता है, क्योंकि कई खिलाड़ियों के परिवार और पुराने साथी मुकाबले देखने के लिए मौजूद रहेंगे।
हालांकि, घरेलू मैदान पर खेलने के साथ दर्शकों की उम्मीदें भी जुड़ी होंगी। भारतीय टीम को एशिया की मजबूत टीमों के खिलाफ अपनी रणनीति, फिटनेस और प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।
जालंधर में होने वाला यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए अपनी हॉकी यात्रा से दोबारा जुड़ने और स्थानीय प्रशंसकों के सामने खेलने का विशेष अवसर होगा। अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले मुकाबलों पर रहेंगी, जहां पंजाब के हॉकी सितारे अपने ही क्षेत्र में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
