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गोरेगांव में बच्चे की मौत से हड़कंप, साइकिल विवाद पर परिवार ने जताया शक

17 अक्तूबर 2026:  महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोरेगांव पूर्व इलाके में एक मासूम बच्ची की इमारत की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि पड़ोस में रहने वाली बच्ची के साथ पहले हुए विवाद के कारण उनकी बेटी को नुकसान पहुंचाया गया हो सकता है। परिवार को संदेह है कि पड़ोसी बच्ची की मां ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया होगा। हालांकि, यह परिवार की आशंका है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छठी मंजिल से गिरने के बाद बच्ची की मौत

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना गोरेगांव पूर्व स्थित शिवशाही सोसायटी में हुई। मृत बच्ची की उम्र करीब 18 महीने बताई गई है। वह अपने परिवार के साथ इमारत में रहती थी। घटना के समय बच्ची इमारत के गलियारे में थी। बाद में वह छठी मंजिल के खुले डक्ट से नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

बच्ची के अचानक गायब होने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इतनी कम उम्र की बच्ची की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन अब इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आने और न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं।

पड़ोस में रहने वाली बच्ची पर संदेह

इस मामले में पड़ोस में रहने वाली करीब 10 वर्षीय बच्ची की भूमिका को लेकर संदेह जताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना के समय दोनों बच्चियां आसपास थीं। पुलिस ने सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में पड़ोस में रहने वाली बच्ची भी दिखाई दी है।

हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह जांच का विषय है। केवल किसी व्यक्ति का घटनास्थल पर मौजूद होना अपने आप में उसकी जिम्मेदारी साबित नहीं करता। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, परिस्थितियों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़नी होंगी।

साइकिल को लेकर विवाद की आशंका

पीड़ित परिवार ने पड़ोसी परिवार के साथ पहले हुए विवाद को भी इस घटना से जोड़कर देखने की आशंका जताई है। परिवार के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले कुछ बातों को लेकर तनाव रहा था। इसी पृष्ठभूमि में परिजनों को संदेह है कि बच्ची के साथ हुई घटना के पीछे कोई पुराना विवाद हो सकता है।

परिवार ने यह भी आशंका जताई कि पड़ोसी बच्ची की मां ने अपनी बेटी को उनकी बच्ची को नुकसान पहुंचाने के लिए कहा होगा। लेकिन इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि विवाद किस बात पर हुआ था और उसका बच्ची की मौत से कोई संबंध था या नहीं।

सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही पुलिस

मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में क्या हुआ, बच्चियां कहां थीं और बच्ची छठी मंजिल के खुले डक्ट तक कैसे पहुंची।

जांच के दौरान संबंधित परिवारों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण अहम होगा। पुलिस के सामने यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बच्ची दुर्घटनावश नीचे गिरी या किसी अन्य कारण से उसकी मौत हुई। फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पीड़ित परिवार ने मांगा न्याय

मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार ने मामले की गहराई से जांच करने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी बच्ची के साथ आखिर क्या हुआ और वह छठी मंजिल से नीचे कैसे गिरी।

इस घटना ने आवासीय इमारतों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खुले डक्ट, असुरक्षित गलियारे और ऊंचाई वाले हिस्से छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए ऐसी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।

फिलहाल गोरेगांव की इस घटना में बच्ची की मौत के वास्तविक कारण और परिवार द्वारा जताए गए संदेहों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही तय करेंगे कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

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