• Fri. Oct 16th, 2026

केजरीवाल का अमित शाह पर पलटवार, बोले—अडानी के बंदरगाहों से पंजाब में आ रहा नशा

16 अक्तूबर 2026:  पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पलटवार किया है। केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि गुजरात के अडानी बंदरगाह के जरिए पंजाब में नशा पहुंच रहा है। उन्होंने अपने बयान में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के पुराने राजनीतिक गठबंधन पर भी निशाना साधा।

केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया पंजाब में नशे के मुद्दे पर अमित शाह के बयान के बाद आई। शाह ने राज्य में बढ़ते नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध पर चिंता जताई थी। उन्होंने मान सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को सुरक्षा और नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जरूरत है। शाह ने मोगा और मानसा से जुड़ी घटनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय पंजाब सरकार से इन मामलों पर जवाब मांगेगा।

इसके जवाब में केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के रास्ते देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के मुद्दे पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। केजरीवाल का कहना था कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पंजाब के भीतर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन रास्तों और नेटवर्क पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिनके जरिए नशीले पदार्थ देश में पहुंचते हैं। ये आरोप केजरीवाल ने लगाए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।\

AAP प्रमुख ने भाजपा पर पंजाब में गैंगस्टरवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने गुजरात की साबरमती जेल का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों को कथित तौर पर संरक्षण दिया गया। इस बयान के जरिए उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा के नशे के खिलाफ अभियान पर सवाल उठाए।

केजरीवाल ने 2007 से 2017 के दौरान पंजाब में अकाली दल और भाजपा के गठबंधन के शासन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में राज्य में नशे की समस्या बढ़ी थी और अब दोनों दल फिर से राजनीतिक रूप से करीब आ रहे हैं। केजरीवाल ने इसे पंजाब के हितों के लिए नुकसानदायक बताते हुए भाजपा और अकाली दल पर निशाना साधा। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और इस पर संबंधित दलों का पक्ष अलग हो सकता है।

अपने बयान में केजरीवाल ने पंजाब के पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नजर राज्य के संसाधनों पर है और कृषि कानूनों को दोबारा लागू करने की कोशिश हो सकती है। इन टिप्पणियों के जरिए उन्होंने नशे के मुद्दे को पंजाब के व्यापक राजनीतिक और आर्थिक हितों से जोड़ने की कोशिश की।

यह बयान ऐसे समय आया है जब मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या और दिरबा में एक व्यक्ति की मौत को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा हुआ है। शाह ने इन घटनाओं को पंजाब की कानून-व्यवस्था से जोड़कर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद AAP और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

पंजाब में नशे की समस्या आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। भाजपा राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठा रही है, जबकि AAP केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए कार्रवाई की मांग कर रही है। इस पूरे विवाद में नशे की तस्करी रोकने, युवाओं को नशे से बचाने और संगठित अपराध पर कार्रवाई जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *