• Fri. Oct 16th, 2026

अखिलेश यादव बोले—हम SIR के खिलाफ नहीं, इसके जरिए हो रही साजिश का विरोध

16 अक्तूबर 2026:  उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी SIR प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके जरिए चुनाव में कथित धांधली और साजिश किए जाने का विरोध कर रही है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि कुछ मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे फर्जी मतदान की आशंका पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक युवक का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका नाम कई जगह मतदाता सूची में दर्ज है। अखिलेश का आरोप था कि व्यक्ति स्वयं केवल एक स्थान पर मतदान करेगा, लेकिन अन्य स्थानों पर उसके नाम का इस्तेमाल करके कोई दूसरा व्यक्ति वोट डाल सकता है।

सपा अध्यक्ष ने इन आरोपों के आधार पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखना आयोग की जिम्मेदारी है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं कटना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी संदिग्ध मतदाताओं और मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों के मामलों को सामने रखा है। सपा अध्यक्ष के मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए शिकायतों की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई जरूरी है।

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन करना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सही तरीके से दर्ज रहें। विवाद इस बात को लेकर है कि नाम हटाने, जोड़ने और सत्यापन के दौरान नियमों का पालन किस तरह किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है, जबकि चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाने के साथ-साथ चुनाव आयोग से मतदाता सूची की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी की। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

इस मौके पर अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ नेताओं के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की भी जानकारी सामने आई। पार्टी ने इसे अपने संगठन के विस्तार से जोड़कर देखा। हालांकि, इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अखिलेश यादव का मुख्य जोर SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर रहा।

अब इस मामले में मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की जांच, शिकायतों पर कार्रवाई और चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाला पक्ष महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध SIR प्रक्रिया से नहीं, बल्कि उनके अनुसार इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करके चुनावी धांधली किए जाने की कथित साजिश से है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *