15 अक्तूबर 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम में बदलाव के साथ वायु प्रदूषण का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया। दूसरी ओर, राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार, 14 अक्टूबर को दिल्ली का औसत AQI 192 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। मौसम में बदलाव के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन प्रदूषण को लेकर चिंता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। राजधानी के अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है। बुधवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार के लिए अधिकतम तापमान लगभग 28 से 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। बारिश और बादलों के कारण दिन के समय गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में आई गिरावट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 14 अक्टूबर को राजधानी का औसत AQI 192 दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को यह 157 था। इस तरह एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी हुई। AQI की मध्यम श्रेणी 101 से 200 के बीच होती है। इस स्तर पर सामान्य लोगों को अपेक्षाकृत कम परेशानी हो सकती है, लेकिन कुछ संवेदनशील लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश से हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक कण अस्थायी रूप से कम हो सकते हैं। हालांकि, बारिश का असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी तीव्रता कितनी है, वह कितनी देर तक होती है और उसके बाद हवा की गति कैसी रहती है। केवल बारिश होने से प्रदूषण पूरी तरह खत्म नहीं होता। हवा की दिशा, नमी, तापमान और प्रदूषकों के फैलाव की स्थिति भी वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती है।
दिल्ली में मौसम और प्रदूषण की निगरानी करने वाली एजेंसियों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद 16 अक्टूबर को स्थिति में अस्थायी सुधार हो सकता है, जबकि अगले कुछ दिनों में फिर मध्यम से खराब श्रेणी की स्थिति बनने की आशंका है। इसलिए बारिश के बाद भी प्रदूषण पर नजर रखना जरूरी होगा।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं, कम दृश्यता और गीली सड़कों के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने जिन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है, वहां लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। बाहर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना भी उपयोगी रहेगा।
प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोगों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बाहर हवा की गुणवत्ता खराब महसूस हो रही हो, तो भारी शारीरिक गतिविधियों को सीमित करना उचित रहेगा। आंखों, नाक या गले में जलन होने पर प्रदूषण के संपर्क को कम करने का प्रयास करना चाहिए।
फिलहाल, दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं से मौसम में बदलाव आने की संभावना है, लेकिन इससे वायु प्रदूषण में कितनी राहत मिलेगी, यह आने वाले घंटों के मौसम और AQI के आंकड़ों से स्पष्ट होगा। लोगों को मौसम विभाग और प्रदूषण निगरानी एजेंसियों की ताजा सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
