14 अक्टूबर 2026: चंडीगढ़ के अनुभवी गोल्फर संदीप संधू को भारतीय सीनियर गोल्फ टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। वह नवंबर 2026 में मकाऊ में होने वाली एशिया-पैसिफिक गोल्फ चैंपियनशिप (APGC) में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। इंडियन गोल्फ यूनियन (IGU) की चयन समिति ने संधू को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके अनुभव और पिछले वर्ष की शानदार उपलब्धि को देखते हुए भारतीय टीम से इस बार भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
इंडियन गोल्फ यूनियन की चयन समिति की बैठक अध्यक्ष बृजिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें संदीप संधू के अलावा तीन अन्य खिलाड़ियों को भारतीय टीम में चुना गया। टीम में बेंगलुरु के डेविड डिसूजा, कोलकाता के गौरव घोष और हेमंतो पांगिंग शामिल हैं। ये चारों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयन के साथ ही संधू को टीम की अगुवाई करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
संदीप संधू पिछले पांच लगातार वर्षों से भारतीय सीनियर गोल्फ टीम में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। उनकी निरंतरता और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन उन्हें देश के अनुभवी सीनियर गोल्फरों में शामिल करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। इस बार कप्तान के रूप में उनकी भूमिका टीम के खिलाड़ियों को एकजुट रखने और प्रतियोगिता के दौरान रणनीतिक नेतृत्व देने की होगी।
इस चैंपियनशिप में संधू के लिए खास बात यह है कि वह मौजूदा डिफेंडिंग चैंपियन हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित एशिया-पैसिफिक गोल्फ चैंपियनशिप में खिताब जीता था। इस जीत के साथ वह विदेश में यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय गोल्फर बने थे। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय सीनियर गोल्फ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और आगामी प्रतियोगिता के लिए टीम की उम्मीदों को मजबूत किया।
पिछले वर्ष भारतीय टीम ने भी चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया था। भारत ने तीसरा स्थान हासिल किया, जो एक दशक से अधिक समय में प्रतियोगिता में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया। इस परिणाम से भारतीय खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता सामने आई। अब टीम की कोशिश पिछले प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और मकाऊ में खिताब के लिए चुनौती पेश करने की होगी।
एशिया-पैसिफिक गोल्फ चैंपियनशिप में इस बार भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया की टीमें इस प्रतियोगिता में प्रमुख दावेदारों में गिनी जाती हैं। ऐसे खिलाड़ियों के सामने भारतीय टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। संधू का अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पिछले वर्ष का खिताब टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, हालांकि प्रतियोगिता का अंतिम परिणाम खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
गोल्फ में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तकनीकी कौशल के साथ धैर्य, एकाग्रता और मैदान की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी होता है। सीनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों का अनुभव अक्सर अहम भूमिका निभाता है। संधू की नियुक्ति से भारतीय टीम को ऐसा नेतृत्व मिलेगा, जिसने पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। अन्य चयनित खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाकर खेलना भी टीम की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
चंडीगढ़ के संदीप संधू की कप्तानी में भारतीय सीनियर गोल्फ टीम अब नवंबर में मकाऊ में होने वाली चैंपियनशिप की तैयारी करेगी। पिछले वर्ष की व्यक्तिगत जीत और टीम के तीसरे स्थान के बाद भारतीय खिलाड़ियों के सामने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की चुनौती होगी। गोल्फ प्रेमियों की नजरें इस प्रतियोगिता पर रहेंगी कि संधू अपने खिताब का बचाव कर पाते हैं या भारतीय टीम इस बार इससे भी बेहतर परिणाम हासिल करती है।
