12 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में ‘काली सरकार’ के नाम से दिव्य दरबार लगाने वाले कथित बाबा की असलियत सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की असली पहचान प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज के रूप में हुई है। वह हरदोई जिले का वांछित अपराधी बताया जा रहा है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर अपनी पहचान बदल ली थी और झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र में संत के वेश में रहने लगा था।
‘सत्यानंद शुक्ला’ बनकर लगाने लगा था दिव्य दरबार
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रह रहा था। यहां उसने अपना नाम सत्यानंद शुक्ला उर्फ ‘काली सरकार’ रख लिया था। धीरे-धीरे उसने अपनी पहचान एक बाबा के रूप में बना ली और मंदिर में दिव्य दरबार लगाने लगा।
बताया गया है कि वह सप्ताह में कई दिन दरबार आयोजित करता था, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उसकी मौजूदगी बढ़ी और उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स होने की जानकारी सामने आई है।
लूट और हत्या के प्रयास समेत कई मामलों में तलाश
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदीप शुक्ला का हरदोई में आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, मारपीट, अपहरण और अवैध हथियार रखने जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को उसकी तलाश थी और अदालत से वारंट जारी होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन बाद में वह फरार हो गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपनी पहचान बदलकर झांसी में रहना शुरू कर दिया। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में उसके फरार रहने की अवधि को लेकर अंतर है।
हरदोई और झांसी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की
आरोपी तक पहुंचने के लिए हरदोई की शहर कोतवाली पुलिस ने झांसी पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित मंदिर में दबिश दी और उसे पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरदोई पुलिस अपने साथ ले गई। उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और अदालत से जारी वारंट के संबंध में आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
बीमारियां ठीक करने के दावे भी चर्चा में
रिपोर्टों के मुताबिक, ‘काली सरकार’ के दरबार में आने वाले लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी थी। वह लोगों की समस्याओं का समाधान बताने के साथ जटिल बीमारियों को ठीक करने के दावे भी करता था। उसके दरबार में दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात सामने आई है।
हालांकि, बीमारी ठीक करने के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है। ऐसे दावों के आधार पर इलाज में देरी करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी गंभीर बीमारी के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
गिरफ्तारी के बाद जांच और कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी की पहचान और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों और न्यायिक वारंट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
कुल मिलाकर, झांसी में ‘काली सरकार’ के नाम से दिव्य दरबार लगाने वाला व्यक्ति पुलिस के अनुसार हरदोई का वांछित आरोपी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज निकला। हरदोई और झांसी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
