12 अक्टूबर 2026: दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधने का फैसला किया है। एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से सोमवार को अदालत में पेश होते समय काली पट्टी पहनने की अपील की है। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिरासत में लिए गए और पुलिस की कार्रवाई का सामना करने वाले वकीलों के प्रति एकजुटता दिखाना है।
10 अक्टूबर के प्रस्ताव के बाद फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने अपने बयान में कहा कि काली पट्टी पहनने का फैसला 10 अक्टूबर को पारित प्रस्ताव के तहत लिया गया है। उस प्रस्ताव में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वकीलों को कथित तौर पर हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने की निंदा की गई थी।
एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से इस फैसले में सहयोग करने का अनुरोध किया है। काली पट्टी को वकीलों के प्रति समर्थन और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर हुआ था प्रदर्शन
10 अक्टूबर को वकीलों के एक समूह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे कुछ वकीलों को करीब दो घंटे तक हिरासत में रखा गया था।
यह प्रदर्शन चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे विरोध के बीच हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जताई थीं। हालांकि, इन आरोपों और विवादों पर संबंधित पक्षों के बयान अलग-अलग रहे हैं।
पुलिस के कथित बल प्रयोग पर जताई नाराजगी
बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कानूनी समुदाय के सदस्यों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। एसोसिएशन ने इसे अनुचित और असंगत कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज कराने की बात कही।
एसोसिएशन के मुताबिक, काली पट्टी पहनने का उद्देश्य उन वकीलों के साथ एकजुटता दिखाना है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित कार्रवाई का सामना किया। संगठन ने इस मामले में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
कानूनी समुदाय में विरोध
इस घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की भूमिका और वकीलों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। बार एसोसिएशन का कहना है कि कानूनी पेशे से जुड़े लोगों के साथ किसी भी कार्रवाई में उचित प्रक्रिया और अधिकारों का सम्मान जरूरी है।
कुल मिलाकर, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान वकीलों की कथित हिरासत और पुलिस के बल प्रयोग के विरोध में सोमवार को काली पट्टी बांधकर अदालत आने की अपील की है। एसोसिएशन ने इस कदम को वकीलों के प्रति एकजुटता और कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध का प्रतीक बताया है।
