9 अक्टूबर 2026: पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PUTA) के 2026-27 सत्र के चुनाव एक बार फिर स्थगित कर दिए गए हैं। पहले ये चुनाव 30 सितंबर को होने थे, लेकिन सदस्यता शुल्क के लेनदेन में सामने आई गड़बड़ियों के चलते अब मतदान की तारीख 28 अक्टूबर तय की गई है। एसोसिएशन ने बुधवार को इस संबंध में सूचना जारी की।
SBI में तकनीकी समस्या से बिगड़ा रिकॉर्ड
PUTA की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ शिक्षकों की सदस्यता फीस से जुड़े लेनदेन पहले रिवर्स हुए और बाद में दोबारा प्रोसेस किए गए। इस प्रक्रिया के चलते सदस्यता रिकॉर्ड में अंतर सामने आया, जिससे चुनाव की तैयारी प्रभावित हुई।
एसोसिएशन ने बताया कि फीस से संबंधित लेनदेन का मिलान और सत्यापन कर लिया गया है। अब सदस्यता रिकॉर्ड में आई विसंगतियों को दूर करने के बाद चुनाव की नई तारीख तय की गई है। citeturn131244news0
दो बार फीस कटने की शिकायतें भी आईं
सदस्यता शुल्क को लेकर कुछ शिक्षकों ने दोहरी कटौती की आशंका जताई थी। इसके अलावा कुछ खातों में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण SBI फीस की राशि वापस करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका था।
PUTA के मुताबिक, इन शिकायतों का समाधान कर दिया गया है और संबंधित लेनदेन का रिकॉर्ड सत्यापित किया जा चुका है। एसोसिएशन ने कहा कि सदस्यता संबंधी आंकड़ों को ठीक करने के बाद ही चुनाव की अगली तारीख निर्धारित की गई है। citeturn131244search4
दशहरे की छुट्टियों को भी रखा ध्यान में
PUTA ने चुनाव के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय करते समय अक्टूबर में पड़ने वाली छुट्टियों, खासकर दशहरे के त्योहार को भी ध्यान में रखा है। एसोसिएशन का कहना है कि नई तारीख से संभावित उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य कार्यक्रमों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी। इसमें सदस्यता सूची और नामांकन दाखिल करने की तारीख सहित संशोधित चुनाव कार्यक्रम शामिल होगा। citeturn131244news0
PUTA अध्यक्ष और सचिव ने जारी किया नोटिस
चुनाव स्थगित करने संबंधी नोटिस PUTA के अध्यक्ष अमरजीत सिंह नौर और सचिव मृण्त्युंजय कुमार की ओर से जारी किया गया। इसमें सदस्यता शुल्क से जुड़ी समस्याओं के समाधान और लेनदेन के सत्यापन के बाद चुनाव कराने की नई तारीख की जानकारी दी गई।
अब 28 अक्टूबर पर निगाहें
चुनाव की नई तारीख घोषित होने के बाद अब उम्मीदवारों और शिक्षकों की नजर संशोधित चुनाव कार्यक्रम पर रहेगी। सदस्यता सूची और नामांकन की तारीख सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की अगली रूपरेखा स्पष्ट होगी।
