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सीएम भगवंत मान का BJP पर हमला, बोले- कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का मतलब चुनाव समय पर होंगे

9 अक्टूबर 2026:  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तलाशी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। मान ने कहा कि मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में CBI की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि पंजाब विधानसभा चुनाव तय समय पर होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने राज्य में चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और जांच एजेंसियों के जरिए अपना चुनावी अभियान चला रही है।

CBI की कार्रवाई को लेकर क्या बोले भगवंत मान?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियां कितनी भी तलाशी ले लें, उन्हें उनकी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक रुपया भी नहीं मिलेगा। मान ने कहा कि वह राजनीति में पंजाब के लोगों की सेवा करने के लिए आए हैं, न कि राज्य को लूटने के लिए।

मान ने BJP पर आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर विपक्षी दलों और उनकी सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले हुई ऐसी कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया। हालांकि, ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उसके पीछे के कारणों का आकलन संबंधित रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाना है।

मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस पर क्यों हुई तलाशी?

CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले में FIR दर्ज की थी। इसके बाद चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस सहित पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुल आठ स्थानों पर कार्रवाई की गई।

यह मामला कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच, टेंडर और नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने के बदले अनुचित आर्थिक लाभ लेने के आरोपों से जुड़ा है। ये आरोप जांच के दायरे में हैं और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जा सकता है।

मामला हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच तक पहुंचा

रिपोर्टों के मुताबिक, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच आगे बढ़ी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े आरोपों को लेकर जानकारी दी थी। CBI की FIR और तलाशी इसी व्यापक जांच का हिस्सा हैं।

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच संबंधी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस कानूनी विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने तलाशी को राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि BJP की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश को राजनीतिक रंग देने के बजाय आरोपों पर जवाब दिया जाना चाहिए।

BJP और AAP के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और BJP के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मान ने कार्रवाई को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि BJP जांच एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर, BJP ने कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए और जांच को राजनीतिक विवाद से अलग रखा जाना चाहिए। ऐसे में मामले का अगला चरण जांच और अदालतों में होने वाली सुनवाई से जुड़ा रहेगा।

आगे क्या होगा?

CBI की जांच में आरोपों से जुड़े दस्तावेजों, संचार और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जानी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की चुनौती पर होने वाली सुनवाई भी इस मामले के कानूनी पहलुओं के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल, आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता और जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं।

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