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हरियाणा सरकार का किसानों को तोहफा, घरौंडा के इंडो-इजराइल सेंटर में ₹5.49 करोड़ से बनेगा हॉस्टल

9 अक्टूबर 2026: हरियाणा सरकार ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने और प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है। सरकार ने करनाल जिले के घरौंडा स्थित इंडो-इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स में किसानों के लिए हॉस्टल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब ₹5.49 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। हॉस्टल बनने से दूर-दराज के क्षेत्रों से प्रशिक्षण और कृषि तकनीकों को समझने के लिए आने वाले किसानों को ठहरने की सुविधा मिलेगी। citeturn598831search0turn598831search1

लंबे समय से उठ रही थी हॉस्टल बनाने की मांग

घरौंडा स्थित यह केंद्र भारत-इजराइल कृषि परियोजना के तहत करीब डेढ़ दशक से काम कर रहा है। यहां हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान आधुनिक खेती की तकनीकों को समझने, प्रशिक्षण लेने और सब्जियों की उन्नत खेती के तरीकों को देखने के लिए पहुंचते हैं।

केंद्र में किसानों के अलावा भारत और विदेशों से आने वाले प्रतिनिधि भी भ्रमण करते हैं। हालांकि, पर्याप्त आवासीय सुविधाएं नहीं होने के कारण दूर-दराज से आने वाले किसानों को ठहरने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र में हॉस्टल बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। citeturn598831search0

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की थी घोषणा

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष और घरौंडा के विधायक हरविंदर कल्याण ने किसानों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने उठाया था। 23 मार्च 2025 को केंद्र में आयोजित 11वें मेगा वेजिटेबल एक्सपो के समापन समारोह के दौरान उन्होंने किसानों को होने वाली परेशानी से मुख्यमंत्री को अवगत कराया था।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र में हॉस्टल बनाने की घोषणा की थी। अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राज्य सरकार ने परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया है। citeturn598831search0turn598831search1

ग्राउंड फ्लोर पर जलपान, पहली मंजिल पर ठहरने की व्यवस्था

प्रस्तावित हॉस्टल की योजना के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक समय में 30 किसानों के लिए जलपान की व्यवस्था होगी। वहीं, पहली मंजिल पर किसानों के ठहरने के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसका उद्देश्य प्रशिक्षण और भ्रमण के लिए आने वाले किसानों को एक ही परिसर में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे किसानों को बाहर ठहरने की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानी और अतिरिक्त भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजना का शिलान्यास जल्द किए जाने की संभावना जताई गई है। citeturn598831search0

कई राज्यों के किसान लेते हैं प्रशिक्षण

घरौंडा का इंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से भी किसान पहुंचते हैं।

केंद्र में प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के माध्यम से किसान नई तकनीकों को करीब से देख सकते हैं और खेती से जुड़े तरीकों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। बेहतर आवासीय व्यवस्था होने से दूर के इलाकों से आने वाले किसानों के लिए इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेना अधिक सुविधाजनक होगा। citeturn598831search1

आधुनिक खेती को बढ़ावा देने में मिलेगी मदद

कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाना उनकी उत्पादकता और खेती की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रशिक्षण केंद्र किसानों को खेती के नए तरीकों से परिचित होने का अवसर देते हैं।

हॉस्टल बनने से किसान बिना ठहरने की चिंता किए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कृषि प्रदर्शनियों में भाग ले सकेंगे। इससे केंद्र की सुविधाओं का बेहतर उपयोग होने और दूर-दराज के किसानों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

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