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AAP ने विपक्ष पर लगाया ‘गिद्ध राजनीति’ का आरोप, कहा- दुखद घटना पर सियासत बर्दाश्त नहीं

8 अक्टूबर 2026:   पंजाब में संगरूर निवासी गुलजार सिंह की मौत को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर इस दुखद घटना को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि किसी परिवार के दुख और शोक को राजनीतिक मंच में बदलना उचित नहीं है और मृतक के परिवार को सम्मान के साथ शोक मनाने का अवसर मिलना चाहिए।

AAP ने विपक्ष पर साधा निशाना

AAP पंजाब के राज्य महासचिव (संगठन) और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP, कांग्रेस और अकाली दल हर दुखद घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

पन्नू ने विपक्ष की इस राजनीति को ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ यानी ‘गिद्ध राजनीति’ करार देते हुए कहा कि किसी परिवार के दुख से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। AAP का कहना है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना जरूरी है।

गुलजार सिंह की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद

संगरूर के रहने वाले गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब की राजनीति में इस मामले को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। विपक्षी दलों ने घटना को लेकर पंजाब सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर सवाल उठाए हैं।

विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो में कुछ गंभीर बातें कही थीं। इसी आधार पर विपक्ष सरकार से मामले में कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

AAP ने वीडियो को लेकर भी उठाए सवाल

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी मामले में सामने आए वीडियो को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि गुलजार सिंह द्वारा जहर खाने के बाद रिकॉर्ड किए गए शुरुआती वीडियो में किसी मंत्री का नाम नहीं लिया गया था।

AAP ने आरोप लगाया कि बाद में एक अन्य वीडियो में मंत्री का नाम सामने आया और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच की जानी चाहिए। पार्टी ने कहा कि वीडियो कब, किन परिस्थितियों में और किस दबाव में रिकॉर्ड किए गए, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

विपक्ष की ओर से कार्रवाई की मांग

दूसरी ओर, विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। विपक्ष की ओर से मांग की जा रही है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने गुलजार सिंह की मौत के संबंध में मिली शिकायत पर संज्ञान लिया है और पंजाब सरकार से पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष के 10 सितंबर को संगरूर जाने की भी जानकारी दी गई है।

AAP ने कहा- दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होगी

AAP का कहना है कि पंजाब सरकार नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी, चाहे उसका राजनीतिक संबंध किसी भी दल से क्यों न हो। पार्टी ने सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई का भी बचाव किया और कहा कि मामले की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए।

AAP नेताओं ने विपक्ष से भी अपील की कि वह परिवार के दुख का सम्मान करे और जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से बचे।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर नजर

गुलजार सिंह की मौत अब पंजाब में एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। एक तरफ विपक्ष सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं AAP विपक्ष पर घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में जांच और विभिन्न आयोगों की कार्रवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसके लिए किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

कुल मिलाकर, गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब में सियासी घमासान तेज हो गया है। AAP ने BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर ‘गिद्ध राजनीति’ करने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

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