7 अक्टूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने OSD से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI की छापेमारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। मान ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही BJP केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं और उनके करीबियों को निशाना बनाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि CBI की कार्रवाई BJP के चुनाव से पहले काम करने के तरीके का हिस्सा है।
CM मान के OSD से जुड़े मामले में CBI की कार्रवाई
यह मामला पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और कुछ अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से संबंधित है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामला दर्ज किया और मंगलवार को कई स्थानों पर तलाशी ली। इनमें चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस और OSD से जुड़े कुछ ठिकाने भी शामिल थे।
हाईकोर्ट ने ED की ओर से उपलब्ध कराए गए सामग्री के आधार पर CBI जांच के निर्देश दिए थे। अदालत ने प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच की जरूरत मानी थी। ऐसे में CBI की कार्रवाई को अदालत के आदेश के तहत हुई जांच का हिस्सा बताया गया है।
मान बोले- चुनाव से पहले होती है ऐसी कार्रवाई
धूरी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भगवंत मान ने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं, उनके सहयोगियों या परिवार के सदस्यों को परेशान किया जाता है। उन्होंने इसे BJP के काम करने का तरीका बताया।
मान ने अपने आरोपों के समर्थन में झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के उदाहरण पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, ये मुख्यमंत्री मान के राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित मामलों में जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग चलती रही है।
मान का दावा- CBI को रेड में कुछ नहीं मिला
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि CBI की कार्रवाई कई घंटे चली, लेकिन जांच एजेंसी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी जांच से डरने वाली नहीं है और जांच का सामना करने के लिए तैयार है।
मान ने यह भी सवाल उठाया कि कई पुराने मामले लंबे समय से लंबित रहते हैं, जबकि इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने जांच एजेंसी से तलाशी के दौरान मिले सामान या दस्तावेजों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की।
मामला किस आरोप से जुड़ा है?
CBI की जांच उन आरोपों से जुड़ी है जिनमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर कथित तौर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी नीतियों, टेंडर और अन्य सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार तथा प्रभाव के इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जा रही है।
ED की ओर से पहले पंजाब पुलिस को कार्रवाई के लिए सामग्री भेजे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया। CBI ने इसके बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
इन आरोपों की अभी जांच चल रही है। किसी व्यक्ति की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जा सकता है।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के निर्देश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी सरकार की नजर है।
BJP ने मान के आरोपों को खारिज किया
वहीं, BJP ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आरोपों को खारिज किया है। BJP नेता तरुण चुघ ने कहा कि CBI ने अपनी ओर से राजनीतिक कार्रवाई नहीं की, बल्कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
BJP का कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो जांच और न्यायिक प्रक्रिया से सच्चाई सामने आ जाएगी। पार्टी ने पंजाब सरकार से जांच में सहयोग करने की मांग की है।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक विवाद
CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। AAP इसे चुनाव से पहले केंद्र की ओर से एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के रूप में देख रही है, जबकि BJP का कहना है कि जांच अदालत के निर्देश पर हो रही है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया है। फिलहाल CBI की जांच आगे बढ़ रही है और इसके आधार पर सामने आने वाले तथ्यों पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने OSD से जुड़े मामले में CBI की छापेमारी को लेकर BJP पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। दूसरी ओर BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि CBI कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई है। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
