7 अक्टूबर 2026 चौथे सिख गुरु श्री गुरु राम दास जी के प्रकाश पर्व को लेकर अमृतसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और SGPC की ओर से व्यवस्थाओं को सुचारू रखने पर जोर दिया गया।
27 अक्टूबर को मनाया जाएगा प्रकाश पर्व
श्री गुरु राम दास जी का प्रकाश पर्व 27 अक्टूबर को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में मनाया जाएगा। इसके अलावा प्रकाश पर्व से एक दिन पहले यानी 26 अक्टूबर को नगर कीर्तन निकाला जाएगा। नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होकर अमृतसर की ऐतिहासिक चारदीवारी वाले शहर के प्रमुख पुराने दरवाजों से गुजरते हुए वापस श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचेगा।
प्रकाश पर्व सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। श्री गुरु राम दास जी को अमृतसर शहर के संस्थापक के रूप में भी जाना जाता है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अमृतसर की स्थापना गुरु राम दास जी ने लगभग 1574 ईस्वी में की थी।
सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। प्रकाश पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचते हैं, ऐसे में धार्मिक स्थलों और नगर कीर्तन के मार्ग पर सफाई व्यवस्था बनाए रखना अहम माना जा रहा है।
SGPC और जिला प्रशासन की ओर से आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नागरिक सुविधाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। ऐतिहासिक शहर में होने वाले धार्मिक आयोजन को देखते हुए प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारी
प्रकाश पर्व के मौके पर अमृतसर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी एक महत्वपूर्ण चुनौती रहती है। नगर कीर्तन के दौरान पुराने शहर के कई प्रमुख मार्गों से धार्मिक जुलूस गुजरने की वजह से यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसी को देखते हुए बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई। उद्देश्य यह है कि नगर कीर्तन के मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो तथा शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर ध्यान
प्रकाश पर्व के दौरान देश-विदेश से श्रद्धालुओं के अमृतसर पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन के सामने साफ-सफाई के साथ-साथ अन्य नागरिक सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।
बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की जरूरत पर भी ध्यान दिया गया।
SGPC और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर मेजर सिंह, अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह और नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने नगर कीर्तन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 अक्टूबर को निकाला जाने वाला नगर कीर्तन अमृतसर के ऐतिहासिक दरवाजों से होकर गुजरेगा और अंत में श्री अकाल तख्त साहिब में संपन्न होगा।
ऐतिहासिक शहर में होगा धार्मिक आयोजन
अमृतसर सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है और श्री गुरु राम दास जी से इसका गहरा संबंध है। प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से भी शहर की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदा सूची में दलविंदरजीत सिंह अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के रूप में दर्ज हैं।
आने वाले दिनों में और तेज होंगी तैयारियां
27 अक्टूबर को होने वाले प्रकाश पर्व से पहले 26 अक्टूबर का नगर कीर्तन मुख्य आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। ऐसे में नगर कीर्तन के रूट, सफाई, ट्रैफिक और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी होगा।
SGPC और जिला प्रशासन की बैठक को इसी दिशा में शुरुआती महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजन की तारीख नजदीक आने के साथ संबंधित विभागों की ओर से व्यवस्थाओं को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, श्री गुरु राम दास जी के प्रकाश पर्व को लेकर अमृतसर में SGPC और जिला प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। 27 अक्टूबर को प्रकाश पर्व और 26 अक्टूबर को नगर कीर्तन के मद्देनजर सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
