6 अक्टूबर 2026 भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद जारी सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है।
BJP ने नए चेहरों पर जताया भरोसा
BJP की ओर से घोषित सूची में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं, जो पार्टी के संगठन और राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह भी शामिल हैं। वहीं राधाकांत ओझा वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि प्रकाश पाल BJP के OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
विद्यासागर सोनकर दलित समुदाय से आने वाले BJP नेता हैं। प्रियंका सिंह रावत पूर्व सांसद रह चुकी हैं और पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। राम प्रताप सिंह चौहान BJP के प्रदेश महामंत्री हैं। श्रुति गंगवार भी सूची में शामिल दो महिला उम्मीदवारों में से एक हैं।
हरदीप सिंह पुरी और BL वर्मा को नहीं मिला टिकट
BJP की इस सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि मौजूदा राज्यसभा सांसदों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री BL वर्मा भी शामिल हैं।
हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। BL वर्मा का कार्यकाल भी इसी अवधि में पूरा हो रहा है। दोनों को दोबारा टिकट नहीं मिलने को पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, राज्यसभा सदस्य न रहने की स्थिति में भी संवैधानिक प्रावधानों के तहत मंत्री सीमित अवधि तक अपने पद पर बने रह सकते हैं।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
BJP की आठ उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक और जातीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सूची में तीन OBC, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग से आने वाले उम्मीदवार हैं। इनमें दो ब्राह्मण और एक क्षत्रिय उम्मीदवार शामिल हैं।
दो महिला उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है। पार्टी की ओर से इस तरह की संरचना को उत्तर प्रदेश में व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। इसके अलावा उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल में एक सीट पर उपचुनाव भी इसी चरण में होगा। उत्तर प्रदेश की जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनके मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
BJP और सपा के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। BJP की ओर से आठ उम्मीदवार उतारे जाने के बाद पार्टी की रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
समाजवादी पार्टी (SP) ने वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर BJP और SP अपने-अपने उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति में हैं, जबकि अतिरिक्त सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
मौजूदा सांसदों को हटाकर संगठन पर फोकस
BJP की सूची से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी ने इस बार कई मौजूदा चेहरों के बजाय संगठन में सक्रिय नेताओं को प्राथमिकता दी है। उम्मीदवारों में प्रदेश संगठन से जुड़े नेताओं की संख्या अधिक है।
राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में जातीय समीकरण के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक भूमिका को भी महत्व दिया गया है। यह रणनीति 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले BJP के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
कुल मिलाकर, BJP ने उत्तर प्रदेश की आगामी राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने इस बार सभी मौजूदा BJP राज्यसभा सदस्यों को दोबारा टिकट नहीं दिया है। हरदीप सिंह पुरी और BL वर्मा जैसे केंद्रीय मंत्रियों का नाम सूची में नहीं होना इस चयन को और महत्वपूर्ण बनाता है। अब 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
