6 अक्टूबर 2026 पंजाब के सरकारी स्कूलों में 9 अक्टूबर को होने वाली Mega Parent-Teacher Meeting (PTM) से पहले शिक्षकों ने स्टाफ की कमी और अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी को लेकर चिंता जताई है। राज्य के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक पहले से ही नियमित शिक्षण कार्य के साथ Census ट्रेनिंग और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों के लिए नियमित कक्षाओं और आगामी Mega PTM की तैयारियों को एक साथ संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
9 अक्टूबर को होगी Mega PTM
पंजाब के सभी सरकारी प्राथमिक, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 9 अक्टूबर को Mega PTM आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों को बैठक की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
Mega PTM का उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद को मजबूत करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। इसके साथ ही स्कूल स्तर की समस्याओं और जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
7 अक्टूबर को होंगी Mega SMC बैठकें
Mega PTM से पहले 7 अक्टूबर को Mega School Management Committee (SMC) बैठकें आयोजित की जाएंगी। SMC के सदस्य संबंधित स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं और जरूरतों की पहचान करेंगे।
इन बैठकों में स्कूल परिसर की साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और भवन के रखरखाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। SMC को Mega PTM की तैयारियों में स्कूलों की मदद करने और बैठक को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम तय करने की जिम्मेदारी दी गई है।
Census और SIR ड्यूटी से बढ़ा शिक्षकों पर दबाव
Mega PTM की तैयारियों के बीच शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अतिरिक्त सरकारी जिम्मेदारियां हैं। कई सरकारी स्कूलों के शिक्षक Census ट्रेनिंग और SIR से जुड़े काम में लगाए गए हैं।
जालंधर में नगर निगम की ओर से जारी एक पत्र के अनुसार, जिले के 689 सरकारी स्कूल शिक्षकों को Census के दूसरे चरण की ट्रेनिंग के लिए पंजीकरण करने को कहा गया था। इसके चलते कई स्कूलों में उपलब्ध शिक्षण स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
एक स्कूल में करीब 60 फीसदी शिक्षक अतिरिक्त ड्यूटी में
लाडोवाली रोड स्थित Government Senior Secondary School के प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल के करीब 60 फीसदी शिक्षक Census ट्रेनिंग और SIR के काम में व्यस्त हैं। उनका कहना है कि सीमित स्टाफ के बीच नियमित कक्षाओं को बिना बाधा जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि जिन स्कूलों में पहले से शिक्षक पद खाली हैं, वहां अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी का असर और ज्यादा दिखाई दे रहा है। उपलब्ध शिक्षकों को कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं, जिससे स्कूलों में स्टाफ प्रबंधन चुनौती बन गया है।
नियमित पढ़ाई के साथ PTM की तैयारी चुनौती
शिक्षकों के सामने एक तरफ विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं जारी रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी तरफ Mega PTM के लिए जरूरी तैयारियां पूरी करनी हैं। इसके अलावा Census और SIR जैसी सरकारी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं।
ऐसे में शिक्षक संगठनों और स्कूल स्टाफ के बीच यह चिंता बनी हुई है कि अतिरिक्त ड्यूटी के कारण उपलब्ध मानव संसाधन पर दबाव बढ़ने से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
SMC की भूमिका भी महत्वपूर्ण
स्कूल शिक्षा विभाग ने Mega PTM को प्रभावी बनाने में SMC की भूमिका पर भी जोर दिया है। SMC सदस्य स्कूलों की जमीनी स्थिति का जायजा लेकर समस्याओं और आवश्यकताओं की पहचान करेंगे।
स्कूल की सफाई, पानी, रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की योजना तैयार करने के साथ-साथ अभिभावकों के साथ होने वाली बैठक की तैयारियों में भी SMC सहयोग करेगी।
शिक्षकों ने स्टाफ व्यवस्था पर उठाए सवाल
शिक्षकों के अनुसार, पहले से खाली पड़े पदों और अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी के बीच उपलब्ध स्टाफ को कई जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध रहेंगे तभी नियमित पढ़ाई और अन्य गतिविधियों को बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है।
आगामी Mega PTM को लेकर विभाग की तैयारियां जारी हैं, लेकिन शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी और स्टाफ की उपलब्धता का मुद्दा स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।
कुल मिलाकर, पंजाब के सरकारी स्कूलों में 9 अक्टूबर को होने वाली Mega PTM की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 7 अक्टूबर को Mega SMC बैठकें होंगी, लेकिन Census और SIR ड्यूटी में शिक्षकों की तैनाती के कारण कई स्कूलों में उपलब्ध स्टाफ पर दबाव बढ़ गया है। शिक्षकों ने विशेष रूप से उन स्कूलों में चिंता जताई है जहां पहले से शिक्षक पद खाली हैं।
