2 अक्टूबर 2026 हरियाणा के रोहतक जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने और प्राथमिक स्तर पर सीखने की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए 50 और Nipun Vatika विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य बच्चों के लिए कक्षाओं को अधिक आकर्षक और गतिविधि आधारित बनाना है, ताकि अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा बढ़े और अधिक बच्चे इन स्कूलों में दाखिला लें।
Nipun Vatika मॉडल से बढ़ा सरकारी स्कूल में नामांकन
रोहतक में Nipun Vatika मॉडल से तैयार सरकारी स्कूलों में नामांकन के आंकड़ों में वृद्धि देखने को मिली है। Government Model Sanskriti Primary School, Sectors 2, 3 और 4 में अप्रैल 2024 में 241 विद्यार्थी पढ़ रहे थे। अप्रैल 2026 तक यह संख्या बढ़कर 337 हो गई। यानी दो वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इसी परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन अब जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी इसी तरह की सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
दूसरे जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने समझा मॉडल
रोहतक के Nipun Vatika मॉडल ने प्रदेश के दूसरे जिलों के शिक्षा अधिकारियों का भी ध्यान आकर्षित किया है। विभिन्न जिलों के District Elementary Education Officers और Foundational Literacy and Numeracy यानी FLN coordinators ने रोहतक के स्कूल का दौरा किया।
इस दौरान अधिकारियों ने कक्षा की व्यवस्था, बच्चों को पढ़ाने के तरीके और Nipun Vatika मॉडल को लागू करने की प्रक्रिया को समझा। यह exposure visit Haryana School Shiksha Pariyojna Parishad (HSSPP), पंचकूला के निर्देशों पर आयोजित किया गया था।
गतिविधि आधारित पढ़ाई पर जोर
Nipun Vatika के तहत पारंपरिक कक्षाओं को गतिविधि आधारित learning spaces में बदला जा रहा है। इन कक्षाओं में बच्चों को केवल किताबों के माध्यम से पढ़ाने के बजाय अलग-अलग teaching-learning materials का इस्तेमाल किया जाता है।
कक्षाओं में भाषा और गणित के लिए अलग-अलग learning corners, counting aids और digital boards जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) और Nipun Bharat Mission के अनुरूप तैयार की जा रही है।
बच्चों को खेल और गतिविधियों से सीखने का अवसर
Nipun Vatika मॉडल में बच्चों को पढ़ाई में सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया जाता है। अधिकारियों के दौरे के दौरान बच्चों को अक्षरों और मात्राओं की मदद से शब्द बनाते, counting materials के जरिए संख्याओं से जुड़े सवाल हल करते और समूह में गतिविधियां करते देखा गया।
इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर पर भाषा और गणित की समझ को मजबूत करना है। साथ ही बच्चों को concepts को खुद समझने और सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
तीन प्रमुख लक्ष्यों पर काम कर रहा रोहतक प्रशासन
Additional Deputy Commissioner नरेंद्र कुमार, जो Nipun Rohtak के अध्यक्ष भी हैं, के अनुसार जिले में तीन प्रमुख परिणामों पर ध्यान दिया जा रहा है। इनमें नामांकन, उपस्थिति और learning outcomes शामिल हैं।
प्रशासन का मानना है कि बेहतर classroom infrastructure से सरकारी स्कूलों को लेकर अभिभावकों की धारणा बदलने में मदद मिल सकती है। वहीं, बच्चों के लिए interactive learning environment तैयार होने से उनकी स्कूल में रुचि और उपस्थिति भी बेहतर हो सकती है।
करीब 1.80 लाख रुपये में तैयार हुई कक्षा
रोहतक के इस मॉडल के तहत एक classroom को विकसित करने में करीब 1.80 लाख रुपये की लागत आई है। शिक्षकों की ओर से बच्चों की प्रगति पर नजर रखने के लिए individual skill passbooks भी maintain की जा रही हैं।
Education Department के स्थानीय कार्यालय ने स्कूल के चयन से लेकर teaching-learning materials को Nipun Haryana curriculum के अनुरूप तैयार करने और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया है।
Nipun Haryana Mission के दायरे में लाखों बच्चे
अधिकारियों के अनुसार, Nipun Haryana Mission के तहत राज्य के 8,600 से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों और करीब 4.6 लाख बच्चों को Balvatika से लेकर Class III तक कवर किया जा रहा है।
रोहतक की Nipun Vatika को SKOCH Award के लिए भी नामांकित किया गया है। राज्य के Nipun Nodal Officer प्रमोद कुमार ने सभी जिलों में उपलब्ध कराई गई learning infrastructure के काम को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
50 नई Nipun Vatika से क्या उम्मीद
रोहतक में 50 और Nipun Vatika स्थापित करने की योजना का मुख्य उद्देश्य केवल स्कूलों का infrastructure बदलना नहीं है, बल्कि बच्चों के learning experience को बेहतर बनाना और सरकारी स्कूलों में नामांकन को बढ़ावा देना है।
अगर नए learning spaces में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, गतिविधि आधारित पढ़ाई और नियमित learning assessment मिलता है, तो इससे प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर foundational literacy और numeracy को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, रोहतक प्रशासन सरकारी स्कूलों में नामांकन, उपस्थिति और सीखने के स्तर को बेहतर करने के लिए 50 नई Nipun Vatika विकसित करने की योजना बना रहा है। पहले से विकसित Nipun Vatika वाले स्कूल में नामांकन में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि दर्ज होने के बाद इस मॉडल को जिले के अन्य स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
