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ड्रोन और बदलते रास्ते: पंजाब सीमा पर हथियार-ड्रग्स तस्करी की नई चुनौती

2 अक्टूबर 2026 पंजाब की पाकिस्तान से लगती सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बन रही है। गुरदासपुर पुलिस ने हाल में हथियारों की तस्करी से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सात पिस्तौल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में एक अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्तौल भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन का इस्तेमाल हथियार और ड्रग्स पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

ड्रोन के जरिए सीमा पार पहुंच रहे हथियार

पुलिस के मुताबिक, हालिया मामले की जांच में सामने आया है कि हथियार ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से भारत की तरफ भेजे गए थे। पंजाब पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के पीछे मौजूद नेटवर्क और उनके संपर्कों की जांच कर रही है।

IG बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि चारों आरोपियों की आगे और पीछे की कड़ियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े कुछ हैंडलर विदेशों में भी हो सकते हैं। मामले में कलानौर थाने में FIR दर्ज की गई है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

गुरदासपुर और सीमावर्ती इलाकों पर खास नजर

पाकिस्तान से लगी पंजाब की सीमा लंबे समय से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रही है। गुरदासपुर जिले का सीमावर्ती क्षेत्र भी ड्रोन गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय में सीमा क्षेत्र से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिशों के कई मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियां ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध नेटवर्क तक पहुंचने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ा रही हैं।

ग्लॉक पिस्तौल की बरामदगी ने बढ़ाई चिंता

गुरदासपुर पुलिस की हालिया कार्रवाई में सात पिस्तौल बरामद होने के बाद सीमा पार हथियार तस्करी के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ी है। इनमें ग्लॉक पिस्तौल भी शामिल है, जिसे आधुनिक और हल्के हथियारों में गिना जाता है।

पुलिस के अनुसार, हथियारों की तस्करी केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी हो सकते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ उनके संपर्कों और पैसों के लेन-देन की भी जांच कर रही हैं।

ड्रोन तस्करी का बदलता तरीका

सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन तकनीक में बदलाव के साथ तस्करी का तरीका भी बदल रहा है। पहले छोटे और अपेक्षाकृत सामान्य ड्रोन के जरिए ऐसी गतिविधियां सामने आती थीं, लेकिन अब सुरक्षा एजेंसियों ने अधिक क्षमता वाले और तकनीकी रूप से उन्नत ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी भी दर्ज की है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से पंजाब में बड़ी संख्या में ऐसे ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए हैं जिनका इस्तेमाल हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। इससे यह संकेत मिलता है कि सीमा पार तस्करी करने वाले नेटवर्क तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहे हैं।

ड्रग्स तस्करी से भी जुड़ा नेटवर्क

ड्रोन के जरिए केवल हथियार ही नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। पंजाब पहले से ही सीमा पार से आने वाले ड्रग्स के खतरे का सामना करता रहा है।

हाल के मामलों में पुलिस ने हथियारों के साथ हेरोइन की बरामदगी भी की है। गुरदासपुर पुलिस के एक मामले में सितंबर के अंत में एक आरोपी को करीब एक किलोग्राम हेरोइन और एक ग्लॉक पिस्तौल के साथ पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।

सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती

पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्रोन एक अलग तरह की चुनौती पैदा करते हैं। जमीन पर मौजूद बाड़ और निगरानी व्यवस्था के बावजूद हवाई रास्ते से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए अलग तकनीक और लगातार निगरानी की जरूरत होती है।

केंद्र और पंजाब सरकार पहले भी सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर कदम उठाने की जानकारी दे चुकी हैं। BSF की ओर से सीमा पर निगरानी, गश्त, नाके और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। ड्रोन गतिविधियों से निपटने के लिए तकनीकी निगरानी और एंटी-ड्रोन उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

गुरदासपुर में दर्ज ताजा मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार कहां से आए, उन्हें किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

IG बॉर्डर रेंज ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी और जानकारी सामने लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपियों के नेटवर्क और उनके संपर्कों की पहचान करने पर है।

सीमा सुरक्षा और पंजाब की चुनौती

पंजाब की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण राज्य को सीमा पार से होने वाली तस्करी और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों का सामना करना पड़ता है। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल ने इस चुनौती को और जटिल बना दिया है।

हथियारों और ड्रग्स की तस्करी का सीधा असर सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और राज्य में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में पुलिस, BSF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और तकनीकी निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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