1 अक्टूबर 2026 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सतकार योजना’ के तहत राज्य की करीब 37 लाख महिलाओं के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर की किस्त जारी की। यह राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों से जुटाए गए पैसे को जनकल्याण के कामों में वापस लगाना है।
खडूर साहिब से जारी की गई राशि
पंजाब सरकार की ओर से इस योजना के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम खडूर साहिब के गोइंदवाल साहिब में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम में शामिल होकर अगले तीन महीनों की सहायता राशि जारी की।
सरकार के अनुसार, योजना के तहत पात्र सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह, जबकि पात्र अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है।
महिलाओं के खातों में सीधे पहुंच रही राशि
‘मावां-धीयां सतकार योजना’ के तहत आर्थिक सहायता Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाएं लाभ ले सकती हैं। सरकार के मुताबिक, एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है।
इस योजना की शुरुआत जुलाई 2026 में हुई थी। उस समय भी पात्र महिलाओं को तीन महीने की सहायता एक साथ जारी की गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को पहली किस्त के रूप में ₹3,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 मिले थे।
CM मान बोले- लोगों का पैसा लोगों के नाम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार लोगों से टैक्स के रूप में पैसा प्राप्त करती है और उसकी जिम्मेदारी है कि इसे जनता के हित में वापस खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस ऐसी योजनाओं पर है, जिनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी अगले तीन महीनों की राशि सीधे खातों में जारी करने की जानकारी देते हुए “लोगों का पैसा, लोगों के नाम” का संदेश दिया।
कांग्रेस और BJP पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम में विपक्षी दलों कांग्रेस और BJP पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के पास उनके अनुसार “सिर्फ मैं ही” मुद्दा है। यह बयान उन्होंने सरकार की योजनाओं और अपने राजनीतिक विरोधियों के बीच चल रही बहस के संदर्भ में दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, किसानों के खेतों तक मुफ्त बिजली और पानी पहुंचाने तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने पर है।
योजना के लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ‘मावां-धीयां सतकार योजना’ के लिए ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार का अनुमान है कि योजना के जरिए राज्य की करीब 97 प्रतिशत पात्र महिलाओं को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का उद्देश्य
सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से लाभार्थियों को भुगतान प्राप्त करने के लिए किसी मध्यस्थ पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली राशि उनके वर्ग और पात्रता के आधार पर तय की गई है। अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए सहायता ₹1,500 प्रति माह और अन्य पात्र महिलाओं के लिए ₹1,000 प्रति माह निर्धारित है।
सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी
पंजाब में महिला कल्याण योजना के साथ-साथ सरकार की आर्थिक नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। मुख्यमंत्री मान जहां योजना को जनता तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने की पहल के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों की सरकार की नीतियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं रही हैं।
ऐसे में 37 लाख महिलाओं के लिए तीन महीने की सहायता राशि जारी किया जाना राज्य सरकार की मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है।
