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दिल्ली के पार्कों की हर 15 दिन में होगी सुरक्षा जांच, 1,000 पार्कों में CCTV और गार्ड लगाने की तैयारी

1 अक्टूबर 2026 दिल्ली में पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम दिल्ली (MCD) ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने अपने पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच कराने का फैसला किया है। वरिष्ठ हॉर्टिकल्चर अधिकारियों को हर एक सप्ताह से लेकर 15 दिन के अंतराल में पार्कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही निगम ने पार्कों की सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं को शामिल करते हुए व्यापक ऑडिट भी शुरू किया है।

MCD की यह कार्रवाई दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद शुरू की गई है। अधिकारियों को पार्कों की मौजूदा स्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष निरीक्षण प्रोफॉर्मा भी दिया गया है। इसका उद्देश्य पार्कों में मौजूद सुरक्षा संबंधी कमजोरियों की पहचान करना और उन्हें समय रहते दूर करना है।

15 सुरक्षा मानकों पर होगा पार्कों का ऑडिट

MCD की ओर से शुरू किए गए सुरक्षा ऑडिट में कुल 15 प्रमुख मानकों को शामिल किया गया है। इनमें पार्क की रोशनी, पेड़-पौधों और झाड़ियों के कारण पैदा होने वाले अंधे क्षेत्र, पार्क की चारदीवारी, प्रवेश और निकास द्वार तथा अनधिकृत प्रवेश के रास्तों की जांच की जाएगी।

इसके अलावा शौचालयों और उनके आसपास की रोशनी, पार्क में मौजूद अंधे या सुनसान स्थानों और ऐसी घनी झाड़ियों की भी जांच होगी, जहां कोई व्यक्ति छिप सकता है।

अधिकारियों को बच्चों के खेलने वाले स्थानों और पार्किंग एरिया की सुरक्षा स्थिति का भी आकलन करने को कहा गया है। साथ ही यह देखा जाएगा कि पार्क में सुरक्षा कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती है या नहीं और वहां किसी तरह की अनधिकृत गतिविधियां या भीड़ तो नहीं होती।

सुनसान पार्क और अपराध की घटनाओं पर भी नजर

ऑडिट के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कौन से पार्क नियमित रूप से सुनसान रहते हैं और आसपास के क्षेत्रों से कौन-कौन सी सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। पार्कों में पहले हुई छीना-झपटी, मारपीट या महिलाओं से बदसलूकी जैसी घटनाओं से जुड़े जोखिमों का भी आकलन किया जाएगा।

MCD अधिकारियों के अनुसार, पार्कों में कुछ समस्याएं बार-बार सामने आ रही हैं। इसलिए सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद इन कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदमों की योजना बनाई जाएगी।

झाड़ियों की कटाई और टूटी चारदीवारी की मरम्मत

तत्काल प्रभाव से अधिकारियों को पार्कों में जरूरत के अनुसार झाड़ियों और हेज की छंटाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पार्कों में जमा हरित कचरे को हटाने और टूटी हुई चारदीवारी तथा प्रवेश द्वारों की मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने की भी योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य पार्कों में अंधेरे और छिपे हुए स्थानों को कम करना है।

1,000 पार्कों में CCTV लगाने की योजना

MCD ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 1,000 प्रमुख पार्कों में CCTV कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इन पार्कों में महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए जाने की योजना है।

इसके साथ ही प्रत्येक चयनित पार्क में कम से कम दो सुरक्षा गार्ड तैनात करने का प्रस्ताव है। पार्कों में अधिकारियों के संपर्क नंबर वाले बोर्ड लगाने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि किसी समस्या की स्थिति में लोग संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकें।

MCD की योजना में दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाकर पार्कों के आसपास नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि CCTV लगाने से ज्यादा चुनौती उसके संचालन, रिकॉर्डिंग की निगरानी, रखरखाव और इसके लिए जरूरी संसाधनों की होगी।

दिल्ली में 15 हजार से ज्यादा पार्क

MCD के अधीन दिल्ली में 15,000 से अधिक पार्क हैं। इनमें करीब 15 से 20 प्रतिशत पार्क छोटे आकार के बताए गए हैं। फिलहाल निगम के केवल 43 ऐसे पार्कों में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जिनका क्षेत्रफल दो एकड़ या उससे अधिक है।

MCD का कहना है कि दिल्ली के अधिकांश पार्क रिहायशी इलाकों में स्थित हैं और उनके आसपास घर होने के कारण हर पार्क में अलग से सुरक्षा गार्ड की जरूरत नहीं मानी जाती। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या सीमित है।

हॉर्टिकल्चर विभाग में कर्मचारियों की कमी

पार्कों की सुरक्षा के साथ-साथ MCD के हॉर्टिकल्चर विभाग के सामने कर्मचारियों की कमी भी एक चुनौती है। विभाग में 6,422 पद स्वीकृत हैं, जबकि फिलहाल करीब 4,100 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें लगभग 3,000 कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मल्टी-टास्किंग कर्मचारी शामिल हैं।

कर्मचारियों की कमी के कारण दिल्ली के हजारों पार्कों की नियमित निगरानी और रखरखाव करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सुरक्षा ऑडिट के जरिए संवेदनशील पार्कों की पहचान करना निगम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा के साथ पर्यावरण का भी रखना होगा ध्यान

MCD अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि पार्कों में सुरक्षा बढ़ाते समय पर्यावरणीय प्रभावों का ध्यान रखना जरूरी होगा। अत्यधिक कृत्रिम रोशनी से पक्षियों और अन्य जीवों की प्राकृतिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

इसलिए पार्कों में प्रकाश व्यवस्था बढ़ाने और CCTV या सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा।

आगे क्या होगा?

सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद MCD पार्कों में सामने आने वाली कमियों के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाएगा। 1,000 पार्कों में CCTV और सुरक्षा गार्ड की योजना को लागू करने से पहले दिल्ली सरकार के सामने इसका प्रस्ताव रखा जाएगा और इसकी व्यवहारिकता तथा बजट पर विचार किया जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य दिल्ली के पार्कों को लोगों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है, ताकि सुबह की सैर, बच्चों के खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए आने वाले लोगों को बेहतर माहौल मिल सके।

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