29 सितंबर 2026 दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने वाहनों के लिए ‘No PUCC, No Fuel’ नीति को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत वैध Pollution Under Control Certificate (PUCC/PUC) नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार इस व्यवस्था को 1 अक्टूबर 2026 से और प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है।
बिना वैध PUC के ईंधन पर रोक
दिल्ली सरकार के नए विंटर एक्शन प्लान के तहत पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG जैसे ईंधन की बिक्री को वैध PUCC से जोड़ा गया है। यानी वाहन मालिकों को ईंधन लेने के लिए अपने वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखना जरूरी होगा।
सरकार का उद्देश्य ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करना है जो निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते। PUCC यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा के भीतर है।
500 पेट्रोल पंपों पर ANPR से निगरानी
इस अभियान को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर उनके PUCC की वैधता को जांचने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
सरकार ने पेट्रोल पंपों पर इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान और निगरानी बढ़ाने का भी फैसला किया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले ईंधन स्टेशनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
PUC नहीं होने पर लग सकता है 10 हजार रुपये का जुर्माना
वैध PUCC के बिना वाहन चलाने पर मौजूदा प्रावधानों के तहत ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए समय रहते अपने वाहन का प्रदूषण परीक्षण कराना और प्रमाणपत्र की वैधता सुनिश्चित करना जरूरी होगा।
सर्दियों के प्रदूषण से निपटने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने केवल वाहनों के प्रदूषण पर ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्य, सड़क की धूल, कचरा और औद्योगिक प्रदूषण समेत कई स्रोतों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाले सिविल कंस्ट्रक्शन पर रोक लगाने की योजना है।
इसके अलावा 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण रोक का प्रावधान रखा गया है।
पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी नजर
दिल्ली सरकार ने शहर में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई बढ़ाने की भी योजना बनाई है। इसके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा जो BS-VI से कम उत्सर्जन मानकों वाले हैं। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस विशेष प्रतिबंध से छूट देने की बात कही गई है।
50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम की भी योजना
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कार्यालयों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने की योजना भी बनाई है। इसके साथ ही पार्किंग शुल्क बढ़ाने और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का लक्ष्य सर्दियों में वाहनों और ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना है।
दिल्ली में बढ़ाई जाएगी सार्वजनिक परिवहन की क्षमता
सरकार के मुताबिक दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाकर 6,840 की गई है, जिनमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसके अलावा सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर ऑटो, कैब और बाइक जैसी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करके निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी काम कर रही है।
सड़क सफाई और धूल नियंत्रण पर भी जोर
विंटर एक्शन प्लान में सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई, कचरा उठाने और धूल नियंत्रण के उपायों को भी तेज करने का फैसला किया गया है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई बढ़ाने के साथ कचरा जमा होने वाले स्थानों को खत्म करने की योजना है।
इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी और कार्रवाई के लिए AI आधारित Command and Control Centre को मजबूत करने की तैयारी है।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी है PUC जांच
‘No PUCC, No Fuel’ नियम लागू होने के बाद वाहन मालिकों को ईंधन भरवाने में परेशानी से बचने के लिए अपने वाहन का PUCC समय पर बनवाना होगा। वाहन की प्रदूषण जांच निर्धारित केंद्र पर कराई जाती है और प्रमाणपत्र में वाहन तथा उत्सर्जन से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है।
दिल्ली सरकार की यह व्यवस्था मुख्य रूप से सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू की जा रही है।
