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जालंधर की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज, सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से

29 सितंबर 2026 पंजाब में धान की कटाई का सीजन शुरू होने के साथ ही जालंधर जिले की अनाज मंडियों में फसल की आवक तेज हो गई है। कई मंडियों में किसान अपनी कटी हुई धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं, जबकि सरकारी खरीद आधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर से शुरू होनी है। मंडियों में धान की बढ़ती आवक के बीच किसानों को उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया समय पर और सुचारू तरीके से शुरू होगी।

मंडियों में बढ़ने लगी धान की आवक

जालंधर की अनाज मंडियों में इन दिनों धान की बोरियां और फसल के ढेर दिखाई दे रहे हैं। किसान कटाई के बाद अपनी उपज लेकर मंडियों का रुख कर रहे हैं। मंडी में पहुंचने के बाद धान को सुखाने और तैयार करने का काम भी किया जा रहा है।

22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जालंधर जिले की मंडियों में करीब 3,000 क्विंटल धान पहुंच चुका था। शुरुआती आवक में मुख्य रूप से कम अवधि वाली PR 126 किस्म शामिल थी। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के प्रधान कृषि विज्ञानी डॉ. बूटा सिंह ढिल्लों के अनुसार, कुछ किसानों ने PR 126 की बुआई निर्धारित समय से पहले की थी, जिसके कारण उनकी फसल भी सामान्य समय से पहले तैयार हो गई।

1 अक्टूबर से शुरू होगी सरकारी खरीद

धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। हालांकि, मंडियों में फसल की आवक इससे पहले ही तेज हो गई है। किसानों का कहना है कि जब मंडियों में बड़ी मात्रा में धान पहुंच रहा है तो खरीद प्रक्रिया भी जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि मंडियों में भीड़ और फसल के रखरखाव से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।

किसानों के लिए समय पर खरीद के साथ-साथ भुगतान भी महत्वपूर्ण है। फसल बेचने के बाद मिलने वाला भुगतान अगली फसल की तैयारी और कृषि से जुड़े खर्चों के लिए जरूरी होता है।

बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

धान की बढ़ती आवक के बीच बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। मंडियों में पहुंची बड़ी मात्रा में फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढका जा रहा है।

मंडी में मौजूद किसानों को डर है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो खुले में रखी धान की फसल प्रभावित हो सकती है। इसलिए मंडी स्तर पर फसल को सुरक्षित रखने और समय पर उठान की जरूरत भी बढ़ गई है।

किसान जल्द खरीद शुरू करने की मांग कर रहे

किसानों का कहना है कि इस बार धान की कटाई और मंडियों में आवक जल्दी शुरू हो गई है। ऐसे में सरकारी खरीद निर्धारित तारीख से पहले शुरू किए जाने की मांग भी उठ रही है।

किसान संगठनों ने भी पहले अधिकारियों से आग्रह किया था कि शुरुआती आवक को देखते हुए खरीद जल्द शुरू की जाए। उनका कहना है कि इससे मंडियों में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के साथ किसानों को समय पर भुगतान दिलाने में मदद मिलेगी।

जालंधर जिले में 79 मंडियों में होगी खरीद

जालंधर जिले में आगामी धान खरीद सीजन के दौरान कुल 79 मंडियों में खरीद की व्यवस्था की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार, अलग-अलग समय पर बोई गई फसलों के कारण कुछ किस्मों की कटाई पहले हो रही है और इसी वजह से मंडियों में शुरुआती आवक दिखाई दे रही है।

मंडी व्यवस्था के लिए यह जरूरी होगा कि फसल की आवक बढ़ने के साथ-साथ सुखाने, तौल, खरीद और उठान की प्रक्रिया भी सुचारू बनी रहे।

मंडियों में बढ़ सकता है दबाव

धान की कटाई में तेजी आने के साथ आने वाले दिनों में मंडियों में आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में किसानों के लिए मंडियों में पर्याप्त जगह, फसल की सुरक्षा और समय पर खरीद अहम मुद्दे बने रहेंगे।

पंजाब पहले से ही खाद्यान्न भंडारण को लेकर दबाव का सामना कर रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सीजन का करीब 40 लाख मीट्रिक टन धान अभी भी राइस मिलों में पड़ा हुआ है और नई फसल के आने से भंडारण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

किसानों को समय पर भुगतान की उम्मीद

मंडी पहुंच रहे किसानों की मुख्य उम्मीद है कि सरकारी खरीद शुरू होने के बाद उनकी फसल बिना अनावश्यक देरी के खरीदी जाए और भुगतान भी समय पर मिले। किसानों के लिए खरीद प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी होगी, उतनी ही जल्दी वे अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे।

धान की आवक बढ़ने के साथ प्रशासन और खरीद एजेंसियों के सामने मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ेगी। फसल को बारिश से बचाना, मंडियों में भीड़ नियंत्रित करना और समय पर उठान करना इस दौरान महत्वपूर्ण रहेगा।

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