28 सितंबर 2026 पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के लिए बसें भेजी जा रही हैं। इस पहल को लेकर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं में खुशी देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए सरकार की ओर से बसों की व्यवस्था करना एक सराहनीय पहल है, जिससे ऐसे लोगों को भी तीर्थ यात्रा का अवसर मिल रहा है जो किसी कारण से पहले यात्रा नहीं कर पाते थे।
धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से धार्मिक स्थलों तक ले जाया जा रहा है। योजना के तहत श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता श्री नैना देवी सहित कई धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
सरकार की ओर से योजना का विस्तार करते हुए खाटू श्याम- सालासर बालाजी धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
श्रद्धालुओं ने सरकार की पहल की सराहना की
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए बस की सुविधा मिलने से यात्रा काफी आसान हो गई है। कई लोगों के लिए उम्र, आर्थिक स्थिति या अन्य कारणों से दूर स्थित धार्मिक स्थलों तक जाना मुश्किल होता है। ऐसे में सरकारी स्तर पर यात्रा की व्यवस्था होने से उन्हें अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
हाल में पंजाब के अलग-अलग इलाकों से तीर्थ यात्राओं के लिए बसें रवाना की गई हैं। अमृतसर के जंडियाला गुरु क्षेत्र से भी श्रद्धालुओं को श्री आनंदपुर साहिब, श्री किरतपुर साहिब और माता श्री नैना देवी मंदिर के दर्शन के लिए बस से रवाना किया गया।
50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए सुविधा
योजना के विस्तारित स्वरूप में 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग तीर्थ यात्रा का लाभ उठा सकते हैं। पंजाब सरकार के अनुसार पात्र श्रद्धालुओं को यात्रा के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए AC स्लीपर बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान उनकी सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए बसों में सामान्य और मेडिकल अटेंडेंट भी तैनात किए जाते हैं। धार्मिक स्थलों पर भी यात्रियों की सहायता के लिए अलग टीमों की व्यवस्था की गई है।
यात्रा के दौरान रहने और खाने की भी व्यवस्था
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत केवल बस यात्रा ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी सरकार की ओर से की जाती है। अधिकारियों के अनुसार यात्रियों के लिए एयर-कंडीशंड आवास, पर्याप्त वॉशरूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा के दौरान अलग से इन व्यवस्थाओं पर खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित टीमें लगातार काम करती हैं।
अब तक लाखों श्रद्धालु कर चुके हैं यात्रा
पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड के अनुसार, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 5,10,807 श्रद्धालु अब तक विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। उनके मुताबिक योजना के तहत 95 AC बसें संचालित की जा रही हैं और इन बसों ने अब तक 12,485 यात्राएं पूरी की हैं।
सरकार के अनुसार योजना की शुरुआत 9 नवंबर 2025 को हुई थी। पहले चरण में करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा की थी। बाद में 12 अगस्त 2026 को योजना का विस्तार करते हुए कई अन्य धार्मिक स्थलों को इसमें जोड़ा गया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी जोर
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक बस में सहायता के लिए कर्मचारी और मेडिकल अटेंडेंट तैनात किए जाते हैं। धार्मिक स्थलों पर भी यात्रियों की मदद के लिए टीमें मौजूद रहती हैं।
सरकार की ओर से यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक यात्रा के साथ सामाजिक जुड़ाव
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस तरह की यात्रा केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी देती है। विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए दूर स्थित धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाता है।
पंजाब सरकार की ओर से संचालित इस योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों से बसें रवाना होने का सिलसिला जारी है। श्रद्धालु यात्रा के दौरान भजन और धार्मिक गीत गाते हुए भी नजर आते हैं और यात्रा पूरी होने के बाद योजना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हैं।
