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लुधियाना में नींबू के दाम बढ़े, कम सप्लाई से 300-320 रुपये किलो तक पहुंची कीमत

18 सितंबर, 2026 :  पंजाब के लुधियाना में इन दिनों नींबू की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कुछ समय पहले 60 से 70 रुपये प्रति किलो के आसपास बिकने वाला नींबू अब खुदरा बाजार में 300 से 320 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। कारोबारियों के मुताबिक नींबू की कम सप्लाई और मांग के मुकाबले उपलब्धता घटने से कीमतों में तेज उछाल आया है।

कम सप्लाई से बढ़े नींबू के दाम

लुधियाना के खुदरा बाजार में नींबू की कीमत में अचानक हुई बढ़ोतरी का मुख्य कारण इसकी कमी बताई जा रही है। डांडी स्वामी चौक के एक सब्जी विक्रेता के मुताबिक बाजार में नींबू की सप्लाई कम है और इसी वजह से इसकी कीमत लगातार बढ़ी है।

रिटेल स्तर पर जहां नींबू पहले 60-70 रुपये प्रति किलो के आसपास उपलब्ध था, वहीं अब ग्राहकों को इसके लिए 300 से 320 रुपये प्रति किलो तक भुगतान करना पड़ रहा है। इतनी अधिक कीमत के कारण कई परिवारों ने नींबू की खरीद कम कर दी है।

दक्षिणी राज्यों से आती है बड़ी सप्लाई

पंजाब में नींबू की बड़े पैमाने पर व्यावसायिक खेती नहीं होती। ऐसे में राज्य के बाजारों में इसकी उपलब्धता काफी हद तक दूसरे राज्यों से आने वाली सप्लाई पर निर्भर रहती है।

किसान संगठन से जुड़े रघबीर सिंह बेनीपाल के अनुसार पंजाब में नींबू की खेती बड़े पैमाने पर व्यावसायिक फसल के रूप में नहीं की जाती। इसलिए दक्षिणी राज्यों से आने वाली सप्लाई और वहां के मौसम का असर पंजाब में नींबू की कीमतों पर पड़ता है।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उत्पादन प्रभावित

व्यापारियों के मुताबिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे नींबू उत्पादक राज्यों में उत्पादन में कमी का असर पंजाब तक पहुंचा है। अत्यधिक मौसम की स्थिति के कारण इन राज्यों में नींबू के उत्पादन में कमी आने की बात कही जा रही है।

लुधियाना के एक रिटेलर ने बताया कि उत्पादन में कमी के कारण मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर पैदा हुआ है। इसी supply-demand gap ने बाजार में नींबू की कीमत को काफी ऊपर पहुंचा दिया है।

मंडी में भी बढ़े हुए हैं भाव

लुधियाना जिले की मंडियों में भी नींबू के भाव में बढ़ोतरी देखी गई है। 17 सितंबर के उपलब्ध मंडी आंकड़ों के अनुसार दोराहा APMC में नींबू का भाव करीब ₹9,000 प्रति क्विंटल था, यानी लगभग ₹90 प्रति किलो का थोक स्तर का भाव। अलग-अलग मंडियों और गुणवत्ता के आधार पर कीमतों में अंतर बना हुआ है।

थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर होने के पीछे परिवहन, छंटाई, विक्रेता का मार्जिन और स्थानीय बाजार की स्थिति जैसे कई कारक हो सकते हैं। इसलिए मंडी भाव और बाजार में ग्राहकों से लिए जा रहे खुदरा दाम एक जैसे नहीं होते।

प्याज, मटर और लहसुन भी महंगे

सिर्फ नींबू ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य सब्जियों और मसालों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना के थोक बाजार में प्याज करीब 75 रुपये प्रति किलो, मटर 200 रुपये प्रति किलो और लहसुन करीब 270 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

इन वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है। खासतौर पर रोजाना खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों के महंगे होने से परिवारों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

रेस्टोरेंट में नींबू पाउडर का इस्तेमाल

नींबू की कीमत बढ़ने के बाद कुछ रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े कारोबारियों ने ताजा नींबू की जगह नींबू पाउडर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। कारोबारियों के मुताबिक यह विकल्प तुलनात्मक रूप से सस्ता पड़ता है और स्वाद में भी नींबू जैसा खट्टापन देता है।

एक रेस्टोरेंट मैनेजर ने बताया कि पार्टियों और अन्य आयोजनों में ताजा नींबू की जगह नींबू पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि इसकी लागत कम है।

महंगे दामों से बिक्री पर असर

नींबू के दाम बढ़ने के कारण इसकी बिक्री पर भी असर पड़ा है। सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक कई आम परिवार अब पहले की तुलना में कम मात्रा में नींबू खरीद रहे हैं।

नींबू भारतीय भोजन में सलाद, पेय पदार्थों और कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में कीमत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी ग्राहकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद

खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में नींबू की सप्लाई बेहतर होने पर कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल बाजार में इसकी उपलब्धता कम होने के कारण ग्राहकों को ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है।

नींबू की कीमत आगे किस स्तर पर जाती है, यह मुख्य रूप से उत्पादक राज्यों में उत्पादन, मौसम, सप्लाई और स्थानीय मांग पर निर्भर करेगा।

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