15 सितंबर, 2026 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में गैंगस्टरों, नशे और संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान से पंजाब आने वाले करीब 80 प्रतिशत नशे पर रोक लगाने में सफलता मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया गया है।
गैंगस्टरों और नशे के खिलाफ सरकार का अभियान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार की कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। सरकार नशे की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पहचान करने, नशीली खेपों की सप्लाई रोकने, अपराध से जुड़े वित्तीय साधनों पर कार्रवाई करने और आरोपियों को कानून के दायरे में लाने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार इस दिशा में काम कर रही है और सरकार ने अपराधियों को राज्य का एजेंडा तय करने की अनुमति नहीं दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक नशे, गैंगस्टर गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के जारी है।
विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर भी कार्रवाई
भगवंत मान ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया गया है। सरकार का कहना है कि विदेशों में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल राज्य के भीतर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विदेशों में मौजूद अपराधियों तक पहुंचना भी जरूरी है।
पाकिस्तान से आने वाले नशे पर रोक का दावा
मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली नशे की तस्करी को लेकर भी अपनी सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान से पंजाब आने वाले करीब 80 प्रतिशत नशे का खात्मा किया गया है।
मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना मुख्य रूप से केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब सरकार ने भी नशे की तस्करी रोकने के लिए अपने संसाधनों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने बताया कि राज्य ने सीमा क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए हैं।
नशे के नेटवर्क पर वित्तीय कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की रणनीति केवल नशा तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की अवैध गतिविधियों और नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नशे के पूरे नेटवर्क को कमजोर करना है, ताकि पंजाब में इसकी सप्लाई को लगातार कम किया जा सके।
विपक्ष पर CM मान का हमला
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दौरान विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पंजाब के लिए कोई स्पष्ट दृष्टिकोण पेश करने के बजाय हर दुखद घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश करता है।
मान ने विपक्ष की राजनीति को ‘गिद्धों वाली राजनीति’ बताते हुए कहा कि पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की सराहना करने के बजाय विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
पंजाब को बदनाम करने की कोशिश का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब केवल एक सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि देश का प्रवेश द्वार और महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं के आधार पर पूरे पंजाब की छवि को खराब करना उचित नहीं है।
मान ने कहा कि सरकार अपराध और नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार नशे और संगठित अपराध के खिलाफ बनाए गए रोडमैप पर बिना किसी समझौते के आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और सरकार का लक्ष्य नशे की सप्लाई और गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी अभियान न मानकर समाज की साझा लड़ाई बनाने की जरूरत है। सरकार की ओर से नशे की रोकथाम, कार्रवाई और जागरूकता से जुड़े प्रयासों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
