14 सितंबर, 2026 पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ड्रग्स का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 18 सितंबर से प्रस्तावित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को विपक्ष पर पलटवार किया। मान ने सवाल उठाया कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर लगातार राज्य को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया जाता है, जबकि देश के अन्य हिस्सों और बंदरगाहों के जरिए भी नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।
BJP 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
BJP ने पंजाब में नशे के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की है। पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी। BJP के मुताबिक, अभियान के दौरान राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
इस यात्रा को चार अलग-अलग मार्गों के जरिए संचालित किया जाएगा। BJP के अनुसार, इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और इस मुद्दे को बड़े सामाजिक एवं राजनीतिक अभियान में बदलना है।
मान ने पूछा- पंजाब को ही क्यों बदनाम किया जाता है?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP के अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब को नशे और कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण राज्य को सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी की चुनौती का सामना करना पड़ता है।
मान ने कहा कि पंजाब की करीब 533 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और ड्रोन के जरिए सीमा पार से ड्रग्स तथा हथियार भेजने की कोशिशें लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
मुंद्रा पोर्ट का उदाहरण देकर केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर बरामद हुई बड़ी मात्रा में ड्रग्स का हवाला देते हुए BJP और केंद्र सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब से कुछ किलो ड्रग्स बरामद होने की चर्चा होती है, लेकिन गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर बरामद करीब 3,000 किलो ड्रग्स को लेकर उतनी चर्चा नहीं होती।
मान ने कहा कि नशे की समस्या को केवल पंजाब के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश में नशीले पदार्थों की तस्करी एक व्यापक नेटवर्क से जुड़ी समस्या है और इसके खिलाफ केंद्र तथा विभिन्न राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए।
पंजाब पुलिस और BSF के बीच समन्वय का मुद्दा
मान ने बताया कि पंजाब पुलिस का एक बड़ा हिस्सा सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सहायता के लिए तैनात रहता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए पुलिस की एंटी-ड्रोन क्षमता को मजबूत किया है और पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए वाहनों समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब की स्थिति को केवल कानून-व्यवस्था के सामान्य मुद्दे के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी राज्य के सामने अलग तरह की चुनौती पैदा करती है।
मान ने सरकार के एंटी-ड्रग अभियान का किया बचाव
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में बड़ी संख्या में गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है और विदेशों में मौजूद आरोपियों को वापस लाने के लिए भी कार्रवाई की गई है।
हालांकि, पुलिस के आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए आंकड़ों से अलग थे। DGP गौरव यादव के मुताबिक, चल रहे अभियान के दौरान 3,177 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया और 1,234 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 1 मार्च 2025 से NDPS Act के तहत 7,582 FIR दर्ज की गई हैं और जिन मामलों में ट्रायल पूरा हो चुका है, उनमें 89 प्रतिशत की सजा दर रही है।
ड्रग्स के साथ हथियारों के नेटवर्क पर भी सवाल
मान ने पंजाब में ड्रग्स और हथियारों के कथित नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाल में बरामद किए गए हथियारों का जिक्र करते हुए पूछा कि बड़ी संख्या में AK-47 जैसे हथियार पंजाब तक पहुंचते कैसे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी, संगठित अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक, इन सभी पहलुओं पर एक साथ कार्रवाई करना जरूरी है।
BJP का दावा- नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी
दूसरी ओर, BJP का कहना है कि पंजाब में नशे की समस्या को केवल सरकारी आंकड़ों और FIR की संख्या से नहीं मापा जा सकता। पार्टी नेताओं ने कहा है कि नशे से प्रभावित लोगों का इलाज, पुनर्वास और उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाना भी अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
BJP की प्रस्तावित यात्रा के दौरान पार्टी नेता नशे से प्रभावित परिवारों, सामाजिक संगठनों, खेल क्लबों और गांव स्तर की समितियों से संपर्क करने की योजना बना रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए अहम बनता जा रहा है। BJP की यात्रा जहां AAP सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाने की कोशिश है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ड्रग्स की समस्या को सीमा पार तस्करी और देश के अन्य हिस्सों से जोड़कर केंद्र पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाया है।
आने वाले दिनों में BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ और सरकार के जवाबी अभियान के बीच यह मुद्दा पंजाब की चुनावी राजनीति में और जोर पकड़ सकता है।
