14 सितंबर, 2026 हॉकी इंडिया ने 2026 पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस प्रतिष्ठित एशियाई हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी इस बार पंजाब करेगा। टूर्नामेंट का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। टूर्नामेंट में भारत के साथ पाकिस्तान, जापान, मलेशिया, चीन और दक्षिण कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी।
पंजाब में पहली बार होगी बड़ी अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन से पंजाब को अंतरराष्ट्रीय हॉकी के बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने का मौका मिलेगा। हॉकी इंडिया के अनुसार टूर्नामेंट के मैच दो प्रमुख हॉकी केंद्रों जालंधर और मोहाली में खेले जाएंगे।
हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने मोहाली के फेज-9 स्थित बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम का दौरा करने के दौरान प्रतियोगिता के कार्यक्रम की जानकारी दी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी टूर्नामेंट की तारीखों की घोषणा की थी।
छह टीमें लेंगी हिस्सा
2026 पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में एशिया की छह प्रमुख हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। अगर किसी टीम के हटने की स्थिति बनती है तो ओमान या बांग्लादेश को शामिल किए जाने का विकल्प रखा गया है।
भारत इस प्रतियोगिता में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरेगा। भारतीय टीम ने 2024 में चीन को हराकर खिताब जीता था और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे सफल टीमों में शामिल है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर रहेगी खास नजर
टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी की पुष्टि होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित मुकाबले को लेकर भी हॉकी प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है। दोनों देशों की हॉकी टीमें लंबे समय से एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबलों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं।
पाकिस्तान की टीम के भारत आने की पुष्टि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की है। भारत सरकार की बहुराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत-पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर मौजूदा नीति के तहत दोनों टीमें एक ही प्रतियोगिता में खेल सकती हैं।
जालंधर में लीग मुकाबले, मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार प्रतियोगिता के शुरुआती और लीग चरण के मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण नॉकआउट मुकाबले, जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल शामिल हैं, मोहाली में खेले जाएंगे।
इससे पंजाब के दो प्रमुख हॉकी केंद्रों को एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा। जालंधर को भारतीय हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता है, जबकि मोहाली में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबले आयोजित होते रहे हैं।
भारत की नजर खिताब बचाने पर
भारतीय टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से उतरेगी। भारत ने 2023 और 2024 में लगातार खिताब अपने नाम किए थे। 2024 के फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर ट्रॉफी जीती थी।
घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भारतीय टीम को मिल सकता है। हालांकि पाकिस्तान, चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और मलेशिया की टीमें भी मजबूत चुनौती पेश करेंगी।
पंजाब के लिए बड़ा खेल आयोजन
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से पंजाब में हॉकी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगिता के दौरान देश-विदेश के खिलाड़ी, अधिकारी और हॉकी प्रशंसक पंजाब पहुंचेंगे। इससे राज्य में खेल से जुड़ी गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की खेल पहचान को भी बढ़ावा मिल सकता है।
पंजाब पहले से ही हॉकी की समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है और कई राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी राज्य से सामने आए हैं। ऐसे में इस तरह के बड़े टूर्नामेंट का आयोजन युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित कर सकता है।
हॉकी प्रशंसकों में बढ़ा उत्साह
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के शेड्यूल की घोषणा के साथ ही हॉकी प्रशंसकों की नजर अब टूर्नामेंट के मुकाबलों पर रहेगी। खास तौर पर भारत और पाकिस्तान के संभावित मुकाबले को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता रहने की उम्मीद है।
