पटियाला 13 सितंबर, 2026 : राज्य में बिजली की बढ़ती मांग के बीच पावरकाॅम को रविवार सुबह राहत मिली। निजी क्षेत्र के राजपुरा थर्मल प्लांट की बंद पड़ी एक यूनिट फिर से चालू हो गई है। यूनिट ने बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे बिजली संकट के बीच पावरकाॅम को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, राज्य के दूसरे निजी थर्मल प्लांट तलवंडी साबो की एक यूनिट अभी बंद है। पावरकाॅम अधिकारियों को उम्मीद है कि यह यूनिट भी रविवार शाम तक चालू हो सकती है। अगर यह यूनिट निर्धारित समय पर चल जाती है तो राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता और बढ़ जाएगी तथा केंद्रीय पूल पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है।
16,119 मेगावाट तक पहुंची मांग
राज्य में बिजली की मांग अभी भी 16 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। रविवार सुबह दस बजे राज्य में बिजली की मांग 16,119 मेगावाट दर्ज की गई। इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम को अपने स्रोतों के साथ केंद्रीय पूल से मिलने वाली बिजली पर भी निर्भर रहना पड़ रहा है।
रविवार सुबह दस बजे तक पावरकाॅम की ओर से अपने सभी स्रोतों से कुल 4,998 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था। वहीं, मांग पूरी करने के लिए केंद्रीय पूल से 11,017 मेगावाट बिजली लेनी पड़ रही थी। इस तरह राज्य की कुल बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा केंद्रीय पूल से पूरा किया जा रहा है।
बंद यूनिटों के चलने से मिलेगी राहत
बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर रहने के कारण बंद पड़ी उत्पादन इकाइयों का दोबारा चालू होना पावरकाॅम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजपुरा थर्मल प्लांट की यूनिट से उत्पादन शुरू होने के बाद उपलब्ध बिजली में बढ़ोतरी हुई है। अब तलवंडी साबो की बंद यूनिट के दोबारा चालू होने पर भी नजर है।
अधिकारियों का अनुमान है कि रविवार शाम तक यह यूनिट भी उत्पादन शुरू कर सकती है। दोनों बंद यूनिटों के चालू होने से बिजली आपूर्ति को संभालने में पावरकाॅम को राहत मिलने की संभावना है।
