पंजाब 13 सितंबर, 2026 : पंजाब में उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की बढ़ती मांग और कई पावर यूनिट्स के बंद रहने से बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को राज्य में बिजली की मांग ने नया स्तर छूते हुए 16,619 मेगावाट का आंकड़ा दर्ज किया। इसके मुकाबले शाम 5 बजे तक राज्य का उत्पादन करीब 4,472 मेगावाट रहा। मांग और उपलब्धता के बीच बड़े अंतर को पूरा करने के लिए पंजाब को नॉर्दर्न ग्रिड से बिजली खरीद पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजपुरा थर्मल प्लांट में करीब 3 दिन और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट में लगभग 7 दिन का कोयला स्टॉक बताया जा रहा है। राजपुरा की 700-700 मेगावाट क्षमता वाली दो यूनिट्स भी प्रभावित हैं। इनमें से एक तकनीकी खराबी के चलते बंद है, जबकि दूसरी पहले से ही बंद पड़ी है। कई थर्मल और हाइड्रो यूनिट्स के उपलब्ध न होने से बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है। बिजली की कमी का सीधा असर उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों और खेती पर दिखाई दे रहा है और बिजली के कट लग रहे हैं।
जालंधर में उद्योगपतियों का प्रदर्शन
बिजली कटौती से परेशान जालंधर के इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़े लोगों ने रात करीब 11:30 बजे सोडल चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कई इलाकों में 10-11 घंटे तक बिजली बाधित हो रही है। उनका कहना था कि इससे फैक्ट्रियों के उत्पादन के साथ-साथ घरों के कामकाज और पानी की सप्लाई तक प्रभावित हो रही है।
जालंधर में करीब 3,000 इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर बिजली संकट का असर पड़ने की बात कही जा रही है। उद्योगपतियों के मुताबिक, लंबे पावर कट के चलते कई यूनिट्स को निर्धारित समय से पहले काम बंद करना पड़ रहा है। इससे उत्पादन और काम के घंटे कम हो रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की मजदूरी और अन्य संचालन खर्च पहले की तरह जारी हैं।
