3 सितंबर 2026 पंजाब के फगवाड़ा शहर में स्थित गोगा जाहरा वीर मंदिर से दानपात्र चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना खलवाड़ा गेट इलाके में स्थित मंदिर परिसर में हुई। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात एक अज्ञात युवक मंदिर में दाखिल हुआ और वहां रखा दानपात्र कथित तौर पर उठाकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों में चिंता का माहौल है।
रात करीब 11:30 बजे हुई चोरी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चोरी की घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे हुई। आरोप है कि एक युवक मंदिर परिसर में दाखिल हुआ और वहां रखा दानपात्र उठा लिया। इसके बाद वह दानपात्र लेकर मंदिर से बाहर निकल गया और मौके से फरार हो गया।
घटना के समय मंदिर परिसर में ज्यादा आवाजाही नहीं होने का फायदा उठाकर चोरी को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुबह श्रद्धालुओं को चला चोरी का पता
दानपात्र चोरी होने की जानकारी बुधवार सुबह उस समय सामने आई, जब रोजाना की तरह श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचने पर लोगों ने देखा कि वहां रखा दानपात्र गायब है।
इसके बाद मंदिर से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद मंदिर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई।
CCTV कैमरे में कैद हुआ संदिग्ध
चोरी की घटना के बाद मंदिर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज में कथित तौर पर एक युवक दानपात्र को हटाते और फिर उसे लेकर मंदिर परिसर से बाहर जाते हुए दिखाई दे रहा है।
CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब इसी के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से फुटेज की बारीकी से जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
दानपात्र में कितनी राशि थी, जानकारी नहीं
चोरी हुए दानपात्र में कितनी नकदी मौजूद थी, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। मंदिर में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं और इसी दान को दानपात्र में जमा किया जाता है।
ऐसे में चोरी के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने की उम्मीद है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दानपात्र में घटना के समय कितनी रकम मौजूद थी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
धार्मिक स्थल से दानपात्र चोरी होने की घटना के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे जल्द पकड़ा जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस के सामने आरोपी की पहचान की चुनौती
इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्ध की पहचान करना है। पुलिस फुटेज के अलावा आसपास के क्षेत्र में मौजूद अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल सकती है, जिससे संदिग्ध के आने-जाने के रास्ते के बारे में जानकारी मिल सके।
स्थानीय स्तर पर लोगों से भी संदिग्ध के संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, जब तक पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से किसी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं होती, तब तक उसे आरोपी मानना उचित नहीं होगा।
धार्मिक स्थल की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं की ओर से दान किया जाता है। ऐसे में वहां रखे दानपात्रों और अन्य सामान की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
CCTV कैमरों की मौजूदगी ने इस मामले में जांच एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सुराग जरूर उपलब्ध कराया है। फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां दिखाई देने की वजह से पुलिस के पास जांच को आगे बढ़ाने के लिए आधार मौजूद है।
जल्द कार्रवाई की मांग
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि CCTV फुटेज की मदद से संदिग्ध की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और संदिग्ध युवक की पहचान तथा चोरी हुए दानपात्र की बरामदगी का इंतजार है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चोरी की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
