• Tue. Sep 1st, 2026

इस बार ‘संतुलन’ का मोल! मुंबई के गणेशोत्सव में ऊंची मूर्तियों की जगह तोल संभालती, अधर में लटकी मूर्तियों का आकर्षण

1 सितंबर 2026 :  मुंबई के गणेशोत्सव में हर साल गणपति की भव्य और ऊंची मूर्तियां आकर्षण का केंद्र रहती हैं। लेकिन इस बार गणेश मंडलों में मूर्तियों की ऊंचाई से ज्यादा कलात्मक संतुलन और अनोखी संरचना पर जोर देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर तोल संभालती और अधर में लटकी हुई गणपति की मूर्तियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

ऊंचाई की बजाय कलात्मकता पर जोर

गणेशोत्सव के दौरान बड़े-बड़े मंडप और विशाल गणपति प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही हैं। हालांकि, इस बार कुछ मंडलों ने पारंपरिक ऊंचाई की होड़ से अलग हटकर ऐसी प्रतिमाएं तैयार की हैं, जिनमें संतुलन और कलात्मकता को प्रमुखता दी गई है।

इन प्रतिमाओं को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे भगवान गणेश हवा में संतुलन बनाए हुए हों।

अधर में लटकी मूर्तियां बनीं आकर्षण

कुछ गणेश मंडलों में गणपति की प्रतिमाओं को इस तरह तैयार किया गया है कि वे बिना किसी स्पष्ट सहारे के अधर में दिखाई देती हैं। मूर्ति निर्माण में तकनीकी कौशल और सटीक संतुलन का इस्तेमाल किया गया है।

इन अनोखी प्रतिमाओं को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मुंबईवासी पहुंच रहे हैं।

‘संतुलन’ का दिया गया संदेश

इन प्रतिमाओं के जरिए केवल कलात्मक प्रयोग ही नहीं, बल्कि संतुलन का संदेश भी देने की कोशिश की जा रही है। जीवन में संतुलन बनाए रखने की जरूरत को गणपति की इन विशेष प्रतिमाओं के माध्यम से दर्शाया गया है।

कारीगरों की कला की हो रही तारीफ

अधर में दिखाई देने वाली गणपति प्रतिमाओं को तैयार करने में कारीगरों और मूर्तिकारों की कुशलता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रतिमाओं की संरचना को इस तरह तैयार किया गया है कि उनका भार और संतुलन बना रहे।

इस तरह की कलाकृतियां गणेशोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला और तकनीक का भी अनोखा मेल पेश कर रही हैं।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

अनोखी और संतुलन पर आधारित गणपति प्रतिमाएं सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रही हैं। लोग इन मूर्तियों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं और मूर्तिकारों की रचनात्मकता की सराहना कर रहे हैं।

मुंबई के गणेशोत्सव में नया प्रयोग

मुंबई का गणेशोत्सव अपनी भव्यता, रचनात्मक सजावट और आकर्षक गणपति प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस बार ऊंचाई की बजाय संतुलन और नए प्रयोगों पर जोर इस उत्सव को एक अलग रूप दे रहा है।

कुल मिलाकर, मुंबई के गणेशोत्सव में इस बार ऊंची गणपति मूर्तियों के साथ-साथ संतुलन और तकनीकी कौशल पर आधारित अधर में लटकी प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन अनोखी मूर्तियों में धार्मिक आस्था के साथ कला, रचनात्मकता और संतुलन का संदेश भी देखने को मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *