31 अगस्त 2026 : पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहीं हुए। उन्हें मोहाली स्थित Suntec City और Altus Space Builders Private Limited से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वर्मा ने ED के जांच अधिकारियों को पत्र लिखकर पेशी के लिए और समय मांगा है।
31 अगस्त को पेश होने के लिए भेजा गया था समन
ED ने अनुराग वर्मा को 31 अगस्त को जालंधर स्थित एजेंसी के जोनल कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा था। हालांकि, निर्धारित तारीख पर वह जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए और उन्होंने अपनी पेशी स्थगित करने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ED जल्द ही उन्हें नया समन जारी कर सकती है।
Suntec City और Altus Space Builders मामले की जांच
ED मोहाली से जुड़े इस रियल एस्टेट मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है। एजेंसी विशेष रूप से Change of Land Use (CLU) की मंजूरी और रियल एस्टेट परियोजनाओं में किए गए कथित अनधिकृत लेआउट बदलावों की पड़ताल कर रही है।
HUD विभाग संभालने के दौरान लिए गए फैसलों की जांच
अनुराग वर्मा वर्तमान में पंजाब के Additional Chief Secretary (Revenue) हैं। इससे पहले वह राज्य के Housing and Urban Development विभाग के प्रमुख रहे थे। ED उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए उन फैसलों की जांच कर रही है, जिनमें CLU मंजूरियों और लेआउट में बदलाव से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
Muirwoods Ecocity से जुड़े फैसले भी जांच के दायरे में
जांच में कथित तौर पर Muirwoods Ecocity परियोजना से जुड़े कुछ फैसलों को भी देखा जा रहा है। आरोप है कि अनधिकृत लेआउट बदलाव के बाद परियोजना की कुछ ग्रुप हाउसिंग साइट्स को Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) को ट्रांसफर करने के आवेदन को खारिज कर Dhir Constructions को ट्रांसफर किया गया।
ED इन फैसलों की प्रक्रिया और इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले IAS अधिकारी कनवल प्रीत बराड़ से भी हुई पूछताछ
इस मामले में अनुराग वर्मा से पहले पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कनवल प्रीत बराड़ से भी ED पूछताछ कर चुकी है। वह जालंधर स्थित ED कार्यालय में पेश हुई थीं और उनसे मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं प्रशासनिक फैसलों को लेकर पूछताछ की गई थी।
₹348 करोड़ की जांच से जुड़ा मामला
ED की जांच कथित तौर पर करीब 348 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से भी जुड़ी है। एजेंसी ने इस मामले में विशेष PMLA अदालत में एक विस्तृत अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
अब ED के अगले समन पर नजर
अनुराग वर्मा के पेश नहीं होने और अतिरिक्त समय मांगने के बाद अब ED की ओर से अगली तारीख महत्वपूर्ण होगी। एजेंसी द्वारा नया समन जारी किए जाने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वर्मा कब जांच अधिकारियों के सामने पेश होते हैं।
कुल मिलाकर, पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा 31 अगस्त को ED के सामने पेश नहीं हुए और उन्होंने जांच एजेंसी से और समय मांगा है। ED Suntec City, Altus Space Builders और अन्य रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े कथित CLU और लेआउट अनियमितताओं की जांच कर रही है।
