29 अगस्त 2026: पंजाब के रोपड़ जिले में विवादित पंचायत जमीन से जुड़े मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) ने करीब 400 एकड़ पंचायत जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही लगभग 600 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले की जांच भी तेज हो गई है।
400 एकड़ जमीन की बिक्री पर रोक
प्रशासन की ओर से विवादित पंचायत जमीन के संबंध में बिक्री की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। यह फैसला जमीन के स्वामित्व और उससे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर उठे सवालों के बीच लिया गया है।
रोक लगाए जाने के बाद अब संबंधित जमीन के रिकॉर्ड और पहले हुए लेनदेन की जांच की जा रही है।
600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच
मामले में करीब 600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पंचायत की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में कहीं नियमों का उल्लंघन या अनियमितता तो नहीं हुई।
जमीन के हस्तांतरण, बिक्री और राजस्व रिकॉर्ड समेत विभिन्न दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पंचायत की जमीन को लेकर विवाद
पंचायत की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद सामने आया है। आरोप है कि जमीन से जुड़े कुछ मामलों में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
प्रशासन अब रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और इसे लेकर पहले क्या-क्या कार्रवाई हुई।
अधिकारियों और रिकॉर्ड की होगी जांच
जांच के दौरान संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में किए गए आदेशों की पड़ताल की जा रही है।
यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बिक्री पर रोक से आगे की कार्रवाई पर लगी नजर
ADC द्वारा बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद अब मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद जमीन के स्वामित्व और कथित अनियमितताओं को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रशासन का उद्देश्य विवादित जमीन को किसी भी तरह के अवैध हस्तांतरण या बिक्री से सुरक्षित रखना है।
जांच में सामने आ सकती है बड़ी तस्वीर
करीब 400 एकड़ जमीन और 600 करोड़ रुपये के कथित मूल्य से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत की संपत्ति सार्वजनिक हित से जुड़ी होती है। ऐसे में जमीन के किसी भी संदिग्ध हस्तांतरण से सरकारी संपत्ति को नुकसान होने की आशंका रहती है।
जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में वास्तविक अनियमितता कितनी बड़ी है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
कुल मिलाकर, रोपड़ में विवादित करीब 400 एकड़ पंचायत जमीन की बिक्री पर ADC ने रोक लगा दी है। वहीं, करीब 600 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले की जांच भी आगे बढ़ रही है। प्रशासन अब जमीन के स्वामित्व, रिकॉर्ड और कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
