25 अगस्त 2026 देश के बड़े सड़क संपर्क कार्यक्रम भारतमाला परियोजना फेज-1 के तहत पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई हाईवे प्रोजेक्ट निर्धारित समय से पीछे चल रहे हैं। सरकार के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरियों में देरी, उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने, अतिक्रमण हटाने और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएं परियोजनाओं की रफ्तार को प्रभावित कर रही हैं।
चार राज्यों में 3,421 किमी का हिस्सा
भारतमाला परियोजना फेज-1 को वर्ष 2017 में मंजूरी दी गई थी। इसके तहत देशभर में 34,800 किलोमीटर हाईवे विकसित करने के लिए करीब 5.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया था।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में इस कार्यक्रम के तहत कुल 3,421 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। मई 2026 तक देशभर में 34,800 किलोमीटर में से 22,709 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका था।
जमीन अधिग्रहण बनी बड़ी समस्या
कई परियोजनाओं में जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण को लेकर मुआवजे और अन्य मुद्दों के कारण विवाद भी सामने आए हैं।
जमीन मिलने में देरी होने से निर्माण एजेंसियां निर्धारित गति से काम नहीं कर पा रही हैं और कई परियोजनाओं की समयसीमा आगे बढ़ानी पड़ी है।
मंजूरियों और यूटिलिटी शिफ्टिंग में भी देरी
सरकार के अनुसार, पर्यावरण और अन्य वैधानिक मंजूरियां मिलने में देरी भी हाईवे परियोजनाओं की रफ्तार पर असर डाल रही है। इसके अलावा बिजली की लाइनें, पाइपलाइन, टेलीकॉम नेटवर्क और दूसरी उपयोगिता सेवाओं को हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने में भी समय लग रहा है।
कई जगह अतिक्रमण हटाने और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों ने भी निर्माण कार्य को प्रभावित किया है।
ठेकेदारों का प्रदर्शन भी वजह
कुछ परियोजनाओं में ठेकेदारों और कंसेशनaires के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने को भी देरी की एक वजह बताया गया है। निर्माण सामग्री और खनिजों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के साथ कोविड-19 महामारी और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों ने भी कुछ परियोजनाओं को प्रभावित किया।
नई परियोजनाओं की मंजूरी पर रोक
केंद्र सरकार ने नवंबर 2023 से भारतमाला फेज-1 के तहत नई परियोजनाओं को मंजूरी देना बंद कर दिया है। अब प्राथमिकता पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने और निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने पर है।
2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने भारतमाला फेज-1 के बचे हुए कार्यों को 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, कुछ हाईवे हिस्सों के 2026 में ही पूरा होने की समयसीमा तय है।
परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण, मंजूरियों और अन्य प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
पंजाब के लिए भी अहम कनेक्टिविटी
भारतमाला के तहत पंजाब से जुड़े कई हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट राज्य को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से बेहतर सड़क संपर्क देने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से माल ढुलाई, औद्योगिक गतिविधियों और यात्रियों की आवाजाही को फायदा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़े भारतमाला हाईवे प्रोजेक्टों में भूमि अधिग्रहण, मंजूरियों, यूटिलिटी शिफ्टिंग, अतिक्रमण और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण देरी हो रही है। केंद्र अब नई परियोजनाओं के बजाय पहले से स्वीकृत प्रोजेक्टों को पूरा करने पर ध्यान दे रहा है और शेष कामों को 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
