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Delhi SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में किसका नाम आएगा, किसे वेरिफिकेशन कराना होगा और आगे क्या होगा?

25 अगस्त 2026   दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया अब अहम चरण में पहुंच गई है। चुनाव आयोग ने दिल्ली में SIR की समयसीमा एक बार फिर संशोधित की है। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को जारी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

SIR के दौरान करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि ड्राफ्ट रोल में किन लोगों के नाम शामिल होंगे, किन मतदाताओं को नोटिस या अतिरिक्त सत्यापन का सामना करना पड़ सकता है और अगर नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है तो आगे क्या करना होगा।

ड्राफ्ट रोल में किन लोगों का नाम आएगा?

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, जिन पंजीकृत मतदाताओं की जानकारी और पात्रता का सत्यापन हो चुका है, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

दिल्ली में SIR के दौरान मतदाताओं को Enumeration Form भरकर जमा करना था। यह प्रक्रिया 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है। जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा और सत्यापित हो गए हैं, वे 31 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट सूची में अपना नाम देख सकेंगे।

किन लोगों को वेरिफिकेशन का सामना करना पड़ सकता है?

जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी, अस्पष्टता या जरूरी जानकारी का अभाव पाया जाता है, उन्हें आगे नोटिस देकर दस्तावेज या अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है।

खास तौर पर ऐसे मामलों में जांच की जरूरत पड़ सकती है जहां मतदाता का रिकॉर्ड पुराने SIR डेटा से ठीक से मेल नहीं खाता, पता बदल चुका है या रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति सामने आती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि नोटिस मिलने वाला व्यक्ति तुरंत मतदाता सूची से बाहर हो जाएगा। उसे अपनी पात्रता साबित करने और अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।

47 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर नजर

दिल्ली में लगभग 1.5 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन तय चरण में पूरा नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, मतदाताओं के अपने पंजीकृत पते से दूसरी जगह चले जाने जैसी वजहें इसके पीछे प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

ऐसे मतदाताओं को ड्राफ्ट रोल में अपना नाम जरूर जांचना चाहिए।

अगर ड्राफ्ट रोल में नाम नहीं मिला तो क्या करें?

ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को जारी होने के बाद हर मतदाता को अपना नाम और विवरण जांचना चाहिए।

अगर नाम गायब है या नाम, उम्र, पता अथवा अन्य जानकारी गलत है, तो मतदाता दावा या आपत्ति (Claims & Objections) दाखिल कर सकता है। इसके लिए निर्धारित अवधि 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक रहेगी।

नोटिस मिलने पर क्या होगा?

SIR में जिन मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत होगी, संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जा सकता है। इसके बाद चुनाव अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच करेंगे।

मतदाता को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज देने होंगे। इसके बाद Electoral Registration Officer (ERO) दावे और आपत्तियों पर फैसला करेगा।

आगे की पूरी टाइमलाइन

दिल्ली SIR की संशोधित समयसीमा इस प्रकार है:

  • 24 अगस्त: मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा।
  • 31 अगस्त: ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी।
  • 31 अगस्त से 30 सितंबर: दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी।
  • 31 अगस्त से 29 अक्टूबर: नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया।
  • 4 नवंबर: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

मतदाताओं को अभी क्या करना चाहिए?

सबसे जरूरी है कि 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल में अपना नाम जरूर चेक करें। केवल यह मान लेना पर्याप्त नहीं है कि पहले से वोटर लिस्ट में नाम होने के कारण वह अपने आप ड्राफ्ट सूची में भी रहेगा।

नाम, पता, उम्र और अन्य विवरण सही हैं या नहीं, इसकी भी जांच करनी चाहिए। अगर नाम नहीं है या कोई गलती है तो 30 सितंबर तक दावा या आपत्ति दाखिल करने का मौका रहेगा।

अंतिम सूची के बाद क्या होगा?

दावों और आपत्तियों की जांच पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी अंतिम मतदाता सूची तैयार करेंगे। दिल्ली की अंतिम SIR मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।

कुल मिलाकर, दिल्ली SIR का अगला बड़ा चरण 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ शुरू होगा। सत्यापित मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में होंगे, जबकि जिन रिकॉर्ड में सत्यापन की जरूरत होगी, उन्हें नोटिस दिया जा सकता है। जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा दाखिल कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।

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