25 अगस्त 2026 महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में नेताओं के अलग-अलग और परस्पर विरोधी बयानों से पैदा हो रहे विवादों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन के नेताओं को नसीहत दी है। सोमवार को मुंबई में हुई महायुति की बैठक में फडणवीस ने नेताओं से सार्वजनिक बयानबाजी में संयम बरतने और गठबंधन के भीतर समन्वय बनाए रखने को कहा।
बयानों से गठबंधन की छवि प्रभावित
बैठक में फडणवीस ने कहा कि महायुति के अलग-अलग नेताओं की ओर से दिए जाने वाले विरोधाभासी बयान गठबंधन के लिए विवाद खड़ा करते हैं। इससे जनता के बीच सरकार की छवि प्रभावित होती है और विपक्ष को भी राजनीतिक मुद्दा मिल जाता है।
उन्होंने नेताओं को सलाह दी कि किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बयान देने से पहले गठबंधन के भीतर आपसी चर्चा और समन्वय किया जाना चाहिए।
शिंदे और सुनेत्रा पवार भी रहे मौजूद
यह बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के अलावा महायुति के तीनों घटक दलों के वरिष्ठ नेता और समन्वयक मौजूद रहे।
बैठक में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच समन्वय मजबूत करने तथा सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि गठबंधन के नेता यदि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग रुख रखते हुए बयान देते हैं, तो इससे सरकार और महायुति दोनों की स्थिति कमजोर होती है। इसलिए नेताओं को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बयान देने चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गठबंधन के भीतर मतभेद होने पर उन्हें सार्वजनिक मंच पर उठाने के बजाय आपसी बातचीत से सुलझाया जाए।
फंड और महामंडलों के बंटवारे पर भी चर्चा
बैठक में महामंडलों और निगमों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बंटवारे पर जल्द अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है। जिला नियोजन समिति (DPC) के फंड के इस्तेमाल को लेकर भी संभावित फॉर्मूले पर बातचीत हुई।
महायुति में अंदरूनी मतभेद बने चुनौती
पिछले कुछ समय से महायुति के विभिन्न घटक दलों के स्थानीय नेताओं के बीच बयानबाजी और राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। पुणे में भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के बीच फंड और विकास कार्यों को लेकर विवाद भी सामने आया है।
ऐसे माहौल में फडणवीस की यह नसीहत गठबंधन के भीतर अनुशासन और समन्वय बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
फडणवीस का संदेश साफ
बैठक में मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश यही रहा कि महायुति के नेता आपसी मतभेदों को सार्वजनिक विवाद में न बदलें और सरकार की साझा जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए काम करें।
कुल मिलाकर, महायुति की बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नेताओं को अलग-अलग और विरोधाभासी बयान देने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी से गठबंधन की छवि प्रभावित होती है और विपक्ष को मुद्दा मिलता है। बैठक में एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार समेत महायुति के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
