25 अगस्त 2026 पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक 75 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। अधिकारी ने इसे लेकर चिंता जताई है और कहा है कि उन्हें अपनी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है।
पूर्व IFS अधिकारी को मिला नोटिस
रिपोर्ट के अनुसार, सेवानिवृत्त IFS अधिकारी को SIR प्रक्रिया के तहत संबंधित चुनाव अधिकारियों की ओर से नोटिस भेजा गया। उनसे मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अधिकारी की उम्र 75 वर्ष है और उन्होंने लंबे समय तक भारतीय विदेश सेवा में अपनी सेवाएं दी हैं।
SIR प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच
पंजाब में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान चुनाव विभाग मतदाताओं की जानकारी और पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। इस प्रक्रिया में कुछ मतदाताओं से जन्म स्थान, निवास और नागरिकता से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करना है।
पूर्व अधिकारी ने उठाए सवाल
सेवानिवृत्त अधिकारी ने नोटिस मिलने के बाद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने भारतीय सरकार के अधीन लंबे समय तक सेवा की है और ऐसे में उनसे भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज मांगना असामान्य प्रतीत होता है।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों की मांग SIR प्रक्रिया के तहत की गई है और इसका अंतिम उद्देश्य मतदाता सूची की जांच करना है।
मतदाता सूची को लेकर चल रही प्रक्रिया
SIR के दौरान चुनाव अधिकारी मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन कर रहे हैं। जिन मामलों में दस्तावेज या जानकारी अधूरी पाई जाती है, वहां संबंधित मतदाता से अतिरिक्त प्रमाण मांगे जा सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल विदेशी नागरिक घोषित कर दिया गया है। यह प्रक्रिया दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता तय करने से जुड़ी है।
नागरिकता और मताधिकार पर बहस
इस घटना ने SIR प्रक्रिया के दौरान नागरिकता और मताधिकार से जुड़े सवालों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर ऐसे मामलों में जहां लंबे समय से भारतीय सरकारी सेवा में रहे लोगों से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो सकती है।
कुल मिलाकर, पंजाब में SIR प्रक्रिया के दौरान 75 वर्षीय सेवानिवृत्त IFS अधिकारी को भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन SIR के तहत किया जा रहा है।
