25 अगस्त 2026 छात्रों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और अपनी पढ़ाई व भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है। समराला के एक स्कूल के प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल उनके समय, एकाग्रता और भविष्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
छात्रों को मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह
स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन पढ़ाई और जानकारी हासिल करने का उपयोगी माध्यम है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल छात्रों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और लगातार मोबाइल चलाने की आदत विद्यार्थियों का कीमती समय बर्बाद कर सकती है।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे मोबाइल का इस्तेमाल केवल जरूरत के मुताबिक करें और पढ़ाई के दौरान इससे दूरी बनाए रखें।
भविष्य को बेहतर बनाने पर दें ध्यान
प्रिंसिपल ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य उनकी वर्तमान आदतों और मेहनत पर निर्भर करता है। यदि छात्र अपना समय सही तरीके से इस्तेमाल करें, नियमित पढ़ाई करें और अनुशासन बनाए रखें तो वे अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को मोबाइल की बजाय किताबों, खेलों, रचनात्मक गतिविधियों और ज्ञानवर्धक कार्यों में अधिक समय देना चाहिए।
तकनीक का करें सही इस्तेमाल
स्कूल प्रिंसिपल ने यह भी स्पष्ट किया कि मोबाइल और तकनीक पूरी तरह खराब नहीं हैं। इनका सही तरीके से इस्तेमाल शिक्षा और ज्ञान बढ़ाने में मदद कर सकता है। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थी तकनीक का इस्तेमाल अपनी जरूरत के अनुसार करें और इसके आदी न बनें।
उन्होंने छात्रों से समय का सही प्रबंधन करने और अपने लक्ष्य पर लगातार काम करने का आह्वान किया।
अभिभावकों की भी अहम भूमिका
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर नजर रखें और उनके लिए स्क्रीन टाइम की उचित सीमा तय करें। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, समराला स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रों को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का नियंत्रित और सही इस्तेमाल ही विद्यार्थियों को तकनीक का लाभ दिला सकता है, जबकि इसकी लत उनके लक्ष्य से भटका सकती है।
