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CM भगवंत मान को निशाना बनाने की कोशिश: गुरप्रीत कौर ने रिश्वत के आरोपों को खारिज किया

24 अगस्त 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपने ऊपर लगे 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद और मुख्यमंत्री भगवंत मान को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश बताया। गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाने वालों को चुनौती दी कि वे अपने दावों को साबित करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।

आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

पटियाला में आयोजित एक तीज कार्यक्रम के दौरान पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए गुरप्रीत कौर ने कहा कि वह आरोपों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

गुरप्रीत कौर के साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल भी मौजूद थीं।

‘आरोप साबित करें, कानूनी कार्रवाई के लिए रहें तैयार’

गुरप्रीत कौर ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आरोप लगाने वालों के पास सबूत हैं तो उन्हें सामने लाना चाहिए, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब की राजनीति में इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और विपक्षी दल मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांग रहे हैं।

पूर्व जज ने लगाए थे 5 करोड़ रुपये मांगने के आरोप

गुरप्रीत कौर पर ये आरोप पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह ने लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक दुष्कर्म मामले को खत्म कराने में मदद के बदले गुरप्रीत कौर ने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी।

पूर्व जज ने यह भी आरोप लगाया था कि गुरप्रीत कौर के एक करीबी रिश्तेदार ने मामले के आरोपी से लगातार संपर्क किया और केस तथा जांच को ‘सेटल’ करने के लिए पैसे देने का दबाव बनाया। हालांकि, इन आरोपों की अदालत में पुष्टि नहीं हुई है और गुरप्रीत कौर ने इन्हें स्पष्ट रूप से खारिज किया है।

NHRC ने लिया मामले का संज्ञान

इस विवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी सक्रिय हुआ है। आयोग ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया था कि गुरप्रीत कौर ने पूर्व जज को कानूनी नोटिस भेजा है और उनसे अपने आरोपों के लिए माफी मांगने को कहा गया है।

जस्टिस रणजीत सिंह ने कहा- नोटिस नहीं मिला

वहीं, जस्टिस रणजीत सिंह ने रविवार शाम कहा कि उन्हें अभी तक किसी की ओर से कोई कानूनी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। यह बयान मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नोटिस भेजे जाने की जानकारी के बाद सामने आया।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

मामले को लेकर पंजाब में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। विपक्षी नेताओं ने सरकार से आरोपों पर जवाब मांगा है। कुछ नेताओं ने तो मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग तक कर दी है।

दूसरी ओर, गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को मुख्यमंत्री को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताते हुए कहा है कि आरोप लगाने वालों को इन्हें साबित करना होगा।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे CM को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चुनौती दी है। वहीं, NHRC ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से रिपोर्ट मांगी है।

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