24 अगस्त 2026 गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित ‘एक्वा युवा’ (Aqua Yuva) उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े कम से कम 50 प्रोफेशनल्स और युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अंतर्देशीय मत्स्य पालन क्षेत्र में उपलब्ध कारोबारी और उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना था।
MANAGE-FISHub ने किया आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE)-फिशरीज इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब (FISHub), हैदराबाद ने लुधियाना स्थित कॉलेज ऑफ फिशरीज के सहयोग से किया। कार्यक्रम में युवाओं को मत्स्य पालन क्षेत्र में नए व्यवसाय और स्टार्टअप शुरू करने की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
फार्म-टू-फोर्क वैल्यू चेन पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ‘फार्म-टू-फोर्क’ फिशरीज वैल्यू चेन से जुड़े विभिन्न कारोबारी विकल्पों के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के जरिए नए उद्यमों के लिए अवसर, जरूरत, तकनीक, भौगोलिक परिस्थितियों, सामाजिक पहलुओं, महिला और ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े प्रस्ताव तैयार किए।
प्रतिभागियों ने मौजूदा डिमांड-सप्लाई चेन, बाजार की कमियों और भविष्य में विकास की संभावनाओं का आकलन भी किया। इस दौरान उत्पादों की ब्रांडिंग, स्मार्ट पैकेजिंग और प्रमोशन से जुड़े कई नए मार्केटिंग आइडिया सामने आए।
स्टार्टअप और बिजनेस मॉडल पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने उद्यमिता की सोच विकसित करने, अंतर्देशीय मत्स्य संसाधनों, भविष्य की संभावनाओं, बिजनेस मॉडल कैनवास और बिजनेस प्लान तैयार करने जैसे विषयों पर जानकारी दी।
MANAGE के डायरेक्टर (एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन) और MANAGE-FISHub के CEO सरवनन राज ने Aqua Yuva कार्यक्रम के उद्देश्यों और युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने FISHub के अन्य कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी, जिनका उद्देश्य स्टार्टअप आइडिया को सफल बिजनेस मॉडल में बदलने के लिए नेटवर्किंग और सहयोग को बढ़ावा देना है।
युवाओं से उद्यमिता अपनाने की अपील
वेटरनरी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन आरएस ग्रेवाल ने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे आना चाहिए। इससे न केवल उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य उद्यमिता और नए स्टार्टअप का है। युवाओं को आधुनिक मत्स्य पालन आधारित या इससे जुड़े व्यवसाय स्थापित करने के लिए मजबूत नेटवर्क विकसित करना चाहिए।
रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के जरिए युवाओं को यह समझाने की कोशिश की गई कि मत्स्य पालन केवल पारंपरिक खेती या उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसके साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और अन्य वैल्यू-एडेड गतिविधियों में भी कारोबार की संभावनाएं मौजूद हैं।
कुल मिलाकर, लुधियाना की वेटरनरी यूनिवर्सिटी में आयोजित Aqua Yuva कार्यक्रम में करीब 50 मत्स्य पालन विशेषज्ञों और युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मत्स्य पालन क्षेत्र में स्टार्टअप, बिजनेस मॉडल, मार्केटिंग और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।
