10 अगस्त, 2026 : पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने समाजसेवी और मानवतावादी भगत पूरन सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है। साहनी ने कहा कि मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण और समाज के वंचित वर्गों के लिए भगत पूरन सिंह का योगदान असाधारण रहा है।
साहनी के अनुसार, भगत पूरन सिंह ने अपना पूरा जीवन जरूरतमंदों, दिव्यांगों और बेसहारा लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने पिंगलवाड़ा के माध्यम से हजारों जरूरतमंद लोगों को आश्रय, भोजन और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मानव सेवा के लिए समर्पित रहा जीवन
भगत पूरन सिंह का जीवन निस्वार्थ सेवा और मानवता की मिसाल माना जाता है। उन्होंने समाज के उन लोगों की मदद के लिए काम किया, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा से बाहर कर दिया जाता है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
मानव सेवा के साथ-साथ भगत पूरन सिंह ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए भी लगातार जागरूकता अभियान चलाए। उनके विचारों में प्रकृति और मानव कल्याण को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना गया।
भारत रत्न की मांग
राज्यसभा सांसद साहनी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि भगत पूरन सिंह के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिया जाए और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने पर विचार किया जाए।
साहनी ने कहा कि भगत पूरन सिंह की सेवा और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान देना मानवता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति देश की ओर से सम्मान होगा।
