6 अगस्त, 2026 : E20 पेट्रोल के विस्तार के बीच पंजाब के लगभग ₹1,000 करोड़ के सेकेंड-हैंड (प्री-ओन्ड) ऑटोमोबाइल बाजार पर इसका असर दिखाई देने लगा है। वाहन कारोबारियों का कहना है कि पुराने वाहनों में E20 ईंधन के उपयोग को लेकर ग्राहकों की चिंताओं के कारण बाजार की रफ्तार धीमी पड़ रही है। कई उपभोक्ताओं को आशंका है कि E20 पेट्रोल से पुराने वाहनों का माइलेज कम हो सकता है और इंजन के प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
ऑटोमोबाइल व्यापार से जुड़े लोगों के अनुसार, खरीदार अब वाहन खरीदने से पहले यह जानना चाहते हैं कि संबंधित मॉडल E20 ईंधन के लिए उपयुक्त है या नहीं। इसी अनिश्चितता के कारण सेकेंड-हैंड वाहनों की मांग प्रभावित हो रही है।
पुराने वाहनों को लेकर बढ़ी चिंता
कारोबारियों का कहना है कि जिन वाहनों को मूल रूप से E20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया था, उनके मालिकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इससे पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री पर असर पड़ रहा है।
सेकेंड-हैंड बाजार की रफ्तार धीमी
वाहन डीलरों के अनुसार, ग्राहकों की बढ़ती शंकाओं के चलते कई सौदे टल रहे हैं। इससे राज्य के सेकेंड-हैंड ऑटोमोबाइल बाजार पर आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
ऑटोमोबाइल कारोबारियों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से पुराने वाहनों की E20 अनुकूलता, संभावित प्रभाव और आवश्यक तकनीकी दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से जारी करने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं में व्याप्त भ्रम दूर हो सके।
