1 अगस्त, 2026 : राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मोहाली और संबंधित डॉक्टर को पेसमेकर उपचार से जुड़े मामले में चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) का दोषी ठहराया है। आयोग ने निचली उपभोक्ता अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए अस्पताल और डॉक्टर की जिम्मेदारी तय की।
आयोग ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद माना कि उपचार में अपेक्षित चिकित्सीय मानकों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर पूर्व में दिए गए आदेश को कायम रखा गया।
निचली अदालत का आदेश बरकरार
NCDRC ने स्पष्ट किया कि मामले में निचली उपभोक्ता अदालत द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ दिए गए निर्णय को सही माना।
चिकित्सीय लापरवाही का मामला
मामला पेसमेकर उपचार से जुड़ा था, जिसमें मरीज की ओर से उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। आयोग ने उपलब्ध तथ्यों और चिकित्सा रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय सुनाया।
मरीजों के अधिकारों पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। साथ ही यह चिकित्सा संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने का संदेश भी देता है।
