1 अगस्त, 2026 : पंजाब के एक किशोर छात्र ने पराली (धान के अवशेष) के उपयोग का अनोखा तरीका खोजते हुए पर्यावरण-अनुकूल बॉक्सिंग उपकरण तैयार किए हैं। इस नवाचार का उद्देश्य पराली जलाने की समस्या का समाधान खोजने के साथ-साथ कृषि अपशिष्ट का उपयोग उपयोगी खेल सामग्री बनाने में करना है।
छात्र का कहना है कि पराली को फेंकने या जलाने के बजाय उसका पुनर्चक्रण कर उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को भी वैकल्पिक उपयोग का नया विकल्प मिल सकता है।
पराली से तैयार किए बॉक्सिंग उपकरण
नवाचार के तहत पराली का उपयोग कर बॉक्सिंग प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य पारंपरिक सामग्री का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराना है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कृषि अवशेषों का इस तरह उपयोग बढ़े तो पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिल सकती है। इससे प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
नवाचार को मिली सराहना
छात्र के इस प्रयास की शिक्षकों, खेल विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है। उनका मानना है कि ऐसे नवाचार युवाओं को विज्ञान, पर्यावरण और खेल के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे।
