30 जुलाई,2026 पंजाब के तीन प्रमुख जलाशयों में इस वर्ष जुलाई महीने का जलस्तर पिछले 20 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जल भंडारण में आई इस गिरावट ने सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और आगामी मौसम में जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कम वर्षा, जलाशयों में सीमित पानी की आवक और मौसम संबंधी परिस्थितियां जलस्तर में गिरावट के प्रमुख कारण हो सकते हैं। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती, तो जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
सिंचाई पर पड़ सकता है असर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलाशयों में कम पानी होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, खासकर धान जैसी अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसलों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
जल प्रबंधन पर जोर
विशेषज्ञों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका कहना है कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक जल नीति पर ध्यान देना जरूरी है।
प्रशासन की निगरानी जारी
संबंधित विभाग जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार जल प्रबंधन से जुड़े निर्णय लिए जाएंगे।
