29 जुलाई,2026 अपनी ऐतिहासिक और यूरोपीय शैली की वास्तुकला के कारण ‘पंजाब का पेरिस’ कहलाने वाले कपूरथला की विरासत को संरक्षित और पुनर्जीवित करने की मांग तेज हो गई है। शहर के निवासियों और सामाजिक संगठनों ने पर्यटन मंत्री को ज्ञापन भेजकर ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कपूरथला की ऐतिहासिक धरोहर, महलों और विरासत स्थलों का संरक्षण न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
विरासत संरक्षण की उठी मांग
निवासियों ने मांग की है कि ऐतिहासिक इमारतों के रखरखाव, मरम्मत और संरक्षण के लिए विशेष योजना बनाई जाए। साथ ही शहर की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पर्यटन परियोजनाएं शुरू की जाएं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि कपूरथला की विरासत का उचित विकास किया जाए तो यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील
नागरिकों ने पर्यटन मंत्री से मांग की है कि कपूरथला की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और विरासत संरक्षण के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराया जाए।
