29 जुलाई,2026 पंजाब में पिछले एक दशक के दौरान 27 सीवर कर्मियों की मौत होने के आंकड़े सामने आने के बाद सीवर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सीवर और मैनहोल की सफाई के दौरान अब भी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैसों, ऑक्सीजन की कमी और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव के कारण कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। समय-समय पर ऐसी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सुरक्षा उपकरणों की कमी बनी चिंता
सामाजिक संगठनों और श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीवर सफाई कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट और सुरक्षात्मक किट उपलब्ध कराना आवश्यक है। उनका मानना है कि मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देकर मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम किया जाना चाहिए।
नियमों के सख्ती से पालन की मांग
विशेषज्ञों ने संबंधित विभागों से सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की है। साथ ही नियमित प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
मानवीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि सीवर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों के प्रभावी उपयोग से ऐसी दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
