29 जुलाई,2026 आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन अमृतसर का यह विद्यालय अपनी समृद्ध विरासत और उत्कृष्ट पूर्व छात्रों (एलुमनाई) के कारण आज भी विशेष पहचान रखता है। वर्षों से इस स्कूल ने ऐसे विद्यार्थियों को तैयार किया है जिन्होंने शिक्षा, प्रशासन, सेना, व्यवसाय, खेल और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है।
स्कूल से जुड़े पूर्व छात्र आज भी अपने शिक्षकों, कक्षाओं और बचपन की यादों को संजोए हुए हैं। उनका कहना है कि इसी विद्यालय ने उन्हें अनुशासन, मेहनत और समाज के प्रति जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया, जिसने आगे चलकर उनके जीवन और करियर को नई दिशा दी।
यादों से जुड़ा है गहरा रिश्ता
पूर्व विद्यार्थियों का मानना है कि स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं था, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण संस्कार और दोस्ती की शुरुआत भी यहीं से हुई। कई पूर्व छात्र आज भी समय-समय पर विद्यालय का दौरा कर शिक्षकों और विद्यार्थियों से मुलाकात करते हैं।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियां वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। स्कूल समय-समय पर एलुमनाई कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों को सफल पूर्व विद्यार्थियों से रूबरू कराता है।
शिक्षा की विरासत आज भी कायम
स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद इस विद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परंपरा को बनाए रखा है। यही कारण है कि इसके पूर्व छात्र आज भी अपने स्कूल से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और इसकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
